अंबेडकरनगर। मामूली मानदेय पर सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाले दर्जन भर से अधिक लोगों के साथ शोषण व उत्पीड़न का मामला सामने आया है। शहजादपुर स्थित विंध्यवासिनी सिक्योरिटी गार्ड एजेंसी के प्रबंधक पर अकबरपुर कोतवाली में दो सुरक्षागार्डों ने केस दर्ज कराया है। एक अन्य सुरक्षा गार्ड ने भी कोतवाली में तहरीर देकर केस दर्ज किए जाने की मांग की है।
सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से अकबरपुर नगर सहित अलग-अलग क्षेत्रों में 50 से अधिक सुरक्षागार्ड काम रहे हैं। बेरोजगारी के चलते मामूली मानदेय पर 12 घंटे की ड्यूटी करने वाले इन सुरक्षागार्डों के साथ एजेंसी संचालक द्वारा लगातार शोषण व उत्पीड़न किया जा रहा है। गत दिवस सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहे लोरपुर पाल्हन निवासी सतीश कुमार ने एजेंसी प्रबंधक पर केस दर्ज कराया। आरोप लगाया कि उसका करीब 15 हजार रुपये बकाया है। परन्तु पैसा नहीं दिया जा रहा है। उसने पैसे की मांग की तो उसके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता की गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
इसके बाद थाना क्षेत्र अहिरौली के चांदपुर निवासी चक्रधारी ने भी अकबरपुर कोतवाली में केस दर्ज कराया। बताया कि वह भी सुरक्षा गार्ड की नौकरी संबंधित एजेंसी के माध्यम से कर रहा था। उसका सात हजार रुपये बकाया है। पैसा मांगने पर उसे धमकी दी जा रही है। एजेंसी में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाले खेंवार निवासी लालजी वर्मा ने भी कोतवाली में तहरीर देकर 24,133 रुपये का भुगतान न करने तथा पैसा मांगने पर धमकी देने का आरोप लगाया है।
सुरक्षा गार्डों ने बताया कि संबंधित एजेंसी प्रबंधक द्वारा सभी गार्डों के साथ ऐसा ही बर्ताव किया जा रहा है। बेरोजगारी के चलते कई लोग मजबूरी में आवाज नहीं उठा पा रहे हैं। कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। मामले में छानबीन की जा रही है। जल्द ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।