अंबेडकरनगर। लगभग 50 हजार छात्र-छात्राओं की दशमोत्तर छात्रवृत्ति पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। कारण यह कि संबंधित छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिलाने के लिए समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने जो डाटा भेजा था उसे निदेशालय ने संदेह के दायरे में पाया है।
ऐसे में एक मौका देते हुए संबंधित विभाग को फिर से सत्यापन कर संशोधित डाटा 10 मार्च तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यदि समय रहते डाटा में संशोधन नहीं किया गया तो संबंधित छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति से वंचित रहना पड़ सकता है।
वर्ष 2022-23 में दशमोत्तर छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिलाने के लिए बीते दिनों समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने एक लाख 66 हजार 863 छात्र-छात्राओं का डाटा शासन को भेजा था। इसमें समाज कल्याण विभाग ने 68,988 छात्र-छात्राओ का जिक्र किया था। इसमें अनुसूचित जाति के 49 हजार 84 व सामान्य वर्ग के 19 हजार 904 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग कार्यालय ने 11 हजार 875 जबकि पिछड़ा वर्ग ने लगभग 86 हजार छात्र-छात्राओं का डाटा भेजा। इस बीच गत दिवस ही निदेशालय ने 49,550 छात्र-छात्राओं का डाटा यह कहते हुए संबंधित विभाग को वापस कर दिया कि इसमें सूचनाएं अपूर्ण हैं।
किसी का आधार कार्ड गड़बड़ है तो किसी का मोबाइल नंबर सही नहीं है। साथ ही संबंधित कार्यालयों को निर्देशित किया कि गड़बडिय़ों में सुधार कर 10 मार्च तक डाटा शासन को उपलब्ध कराएं जिससे संबंधित छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके।