-प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल माझा कम्हरिया में परीक्षा निरस्त
-उच्च प्राथमिक स्कूल के छात्रों को प्राथमिक स्कूल अराजी देवारा में किया गया शिफ्ट
-जलमग्न लगभग 150 बीघा धान की फसल के बर्बाद होने की बढ़ी आशंका
फोटो 17 से 20
संवाद न्यूज एजेंसी
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद मुश्किलें बरकरार हैं। बाढ़ के पानी से घिरे प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल माझा कम्हरिया में बुधवार से शुरू हुई परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। इसके अलावा उच्च प्राथमिक स्कूल अराजी देवारा के छात्र-छात्राओं को प्राथमिक स्कूल अराजी देवारा शिफ्ट कर दिया गया। इस बीच करिया लोनिया का पूरा संपर्क मार्ग के भी डूबने से बुधवार को यहां भी नाव का संचालन शुरू कर दिया। ऐसे में अब पांच स्थानों पर नाव का संचालन हो रहा है। उधर खेतों में पानी भरा होने से लगभग 150 बीघा धान की फसल के बर्बाद होने की आशंका बढ़ गई है।
मंगलवार की तुलना में बुधवार को सरयू नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से सात सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। इससे ग्रामीणों के साथ साथ प्रशासन ने राहत की सांस तो ली, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुश्किलें जस की तस बनी हुई हैं। तीन दिन के अवकाश के बाद बुधवार को स्कूल खुला तो छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। इसमें परिषदीय स्कूल के साथ-साथ निजी स्कूल के छात्र-छात्राएं भी शामिल रहे।
बुधवार से परिषदीय स्कूलों में परीक्षा शुरू हुई तो सबसे अधिक समस्या माझा कम्हरिया स्थित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को हुई। चारों तरफ बाढ़ का पानी होने के चलते इन दोनों स्कूलों में परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। उच्च प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक बृजकिशोर सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी हटने के बाद ही परीक्षा कराई जाएगी। इसी प्रकार उच्च प्राथमिक स्कूल अराजी देवारा के 79 छात्र-छात्राओं को प्राथमिक स्कूल अराजी देवारा शिफ्ट कर दिया गया। इसमें से 49 छात्र-छात्राओं ने संबंधित स्कूल पहुंचकर परीक्षा दी।
उधर लगभग 350 बीघा खेत एक दिन पहले पूरी तरह से जलमग्न हो गए थे। इसमें लगभग 150 बीघा फसल धान की है। संबंधित किसानों का कहना है कि यदि दो तीन दिन तक और पानी खेत में बना रहा तो धान की पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। इससे संबंधित किसानों को बड़ी आर्थिक चपत लगने की आशंका है।
एक और मजरे में चली नाव
ग्रामीणों के सुचारु आवागमन के लिए प्रशासन ने बेहतर कदम उठाते हुए बुधवार को करिया लोनिया का पूरा मजरे में भी नाव का संचालन शुरू कर दिया। इससे पहले सिद्धनाथ, हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा व पटपरवा में भी नाव का संचालन हो रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि नाव के संचालन से आवागमन को लेकर काफी राहत मिली है। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता मित्रसेन ने अन्य मजरों में भी नाव के संचालन की मांग की है।
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400 परिवारों में हुआ लंच पैकेट का वितरण
स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ प्रभावितों को राहत देते हुए बुधवार को 400 बाढ़ प्रभावितों में लंच पैकेट का वितरण किया। एसडीएम आलापुर सुभाष सिंह के नेतृत्व में माझा कम्हरिया में 300 परिवार तो अराजी देवारा में 100 परिवारों में पका पकाया भोजन वितरित किया। एसडीएम ने बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो और भी परिवारों में लंच पैकेट का वितरण किया जाएगा। उधर पशुधन प्रसार अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि माझा कम्हरिया के 92 पशुपालकों में बुधवार को 30 क्विंटल भूसे का वितरण किया गया।
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स्वास्थ्य शिविर में हो रहा इलाज
दर्शननगर व कम्हरिया में स्थापित स्वास्थ शिविर में न सिर्फ आने वाले ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही बल्कि आवश्यकतानुसार दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही। इसके साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारी गांव गांव पहुंचकर लोगों को संचारी रोगों के प्रति जागरूक कर रहे। उधर एसडीएम आलापुर ने बताया कि जलस्तर में कमी हो रही है। बाढ़ प्रभावितों को किसी भी मुश्किल से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।