राजेसुल्तानपुर/विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। सरयू की उफान कई गांवों के हजारों लोगों को डराने लगी है। नदी का पानी मंगलवार को चेतावनी बिंदु से 38 सेमी. ऊपर पहुंच गया। इसके साथ ही आलापुर व टांडा के माझा इलाके के दो दर्जन गांव के खेत डूबने लगे हैं। आबादी की तरफ तेजी से पानी बढ़ने से लोग चिंचित हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। 24 घंटे के दौरान नदी का जलस्तर 31 सेमी. बढ़ चुका है। सोमवार को सरयू का जलस्तर चेतावनी बिंदु से मात्र सात सेमी. ऊपर था। मंगलवार को तेजी से बढ़ते हुए पानी चेतावनी बिंदु से 38 सेमी. ऊपर पहुंच गया। टांडा के सिंचाई खंड के मुताबिक चेतावनी बिंदु 84.56 मीटर पर है। मंगलवार को नदी का जलस्तर 84.94 मीटर दर्ज किया गया।
नदी में उफान के साथ पानी तेजी से माझा क्षेत्र के खेतों व गांव की तरफ बढ़ने लगा है। इससे आलापुर व टांडा क्षेत्र के माझा इलाके के लोगों की चिंता बढ़ गई है। आलापुर के कम्हरिया, माझा कम्हरिया, अराजी देवारा, हंसू का पूरा, करिया लोनी का पूरा, बद्री का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, पटपरवा, सत्यनरायन का पूरा, रग्घू का पूरा, निषाद बस्ती और सिद्धनाथ का पूरा के नजदीक नदी का पानी पहुंच चुका है।
टांडा क्षेत्र में नदी का पानी माझा उलटहवा, माझा कला, माझा चिंतौरा, नैपुरा, सलोना घाट डुहिया, अवसानपुर, केवटला, ढेलमऊ, इस्माइलपुर बेलदहा, नेहरूनगर व मेहनिया गांव के करीब पहुंचा गया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस गति से जलस्तर में में वृद्धि हो रही है उसे देखते हुए दो-तीन दिन में गांव में पानी पहुंच जाएगा। इससे माझा क्षेत्र के कई गांवों का आवागमन बंद होने का खतरा पैदा हाे गया। खेत डूबने से फसलें नष्ट हो जाएंगी।
जलस्तर पर रखी जा रही निगाह
सरयू का जलस्तर पर लगातार बढ़ रहा है। इस पर नजर रखी जा रही है। माझा क्षेत्र के लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सभी जरूरी प्रबंध किए जा रहे हैं।
-डॉ. सदानंद गुप्ता, एडीएम