अंबेडकरनगर। सरयू नदी जिले में खतरे के लाल निशान को पार करने के करीब पहुंच गई है। इससे नजदीकी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उधर एक अन्य प्रमुख नदी तमसा भी उफान पर है। इससे भी अकबरपुर व जलालपुर नगर के निवासियों के साथ ही तमाम ग्रामीणों की चिंता बढ़ी हुई है। कई नाले भी उफान पर हैं जिसका प्रतिकूल असर फसलों पर पड़ने की आशंका है।
नेपाल के बैराज से छोड़े गए पानी व लगातार हो रही बारिश का असर सरयू नदी के जलस्तर पर एक बार फिर दिखने लगा है। कुछ दिन पहले भी सरयू खतरे के लाल निशान को पार कर गई थी। इसके चलते टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र के माझा क्षेत्र के गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। हालांकि बारिश न होने की वजह से नदी के जलस्तर में जल्द ही कमी का दौर भी शुरू हो गया था जो खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से काफी नीचे चला गया था। इससे ग्रामीणों की दिनचर्या सामान्य हो गई थी।
इन दिनों बारिश का दौर शुरू होने से एक बार फिर सरयू नदी का रूप विकराल होता जा रहा है। नदी का पानी पहले जहां खतरे के निशान से काफी नीचे था, वहीं अब शनिवार को 92.64 मीटर पर पहुंच गया जो लाल निशान से महज छह सेंटीमीटर नीचे है। बाढ़ प्रखंड के अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में वृद्धि जारी है। यदि यही स्थिति रही तो अगले 24 घंटे में सरयू का पानी खतरे के निशान को पार कर सकता है।
बारिश के पानी का असर सिर्फ सरयू नदी में ही नहीं बल्कि अकबरपुर व जलालपुर नगर के मध्य से बहने वाली तमसा नदी में भी दिख रहा है। नदी के किनारे स्थित नगर के कई घरों के करीब तक पानी पहुंचने को बेताब दिख रहा है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में धान की फसल भी जलमग्न हो चुकी है। टांडा तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों के बीच से होकर गुजरा थिरुवा नाला भी उफान मार रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ी हुई हैं।
सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि की जानकारी प्राप्त हुई है। फिलहाल वह अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। आने वाले समय में जो भी स्थिति होगी, उससे निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
-दीपक वर्मा, एसडीएम टांडा