अंबेडकरनगर। सराफा कारोबारी के घर हुए नृशंस हत्याकांड में घायल महिला की जान बच जाने से पुलिस को बड़ी राहत मिली। महिला की मौत मौके पर हो जाती तो कोई चश्मदीद नहीं था। इससे पुलिस पर खुलासा करने का दबाव लंबे समय तक बना रहता। सराफा कारोबारी की पत्नी सुनीता के घायल मिलने के चलते ही यह खुलासा हो पाया कि घटना को अंजाम किसने दिया है।
जिला अस्पताल में भर्ती सुनीता से मजिस्ट्रेट ने पहुंचकर बयान भी दर्ज किया जिसके बाद उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि घायल सुनीता की जान बच जाए। वह कुछ बयान दे सके। जिला अस्पताल में प्रारंभिक उपचार के बाद वह बोलने लायक हुई तो पुलिस ने राहत की सांस ली।
बच गई दो मासूमों की जान
अंबेडकरनगर। सराफा कारोबारी के परिवार स्कूल जाने की वजह से बुधवार को दो मासूम बच्चों की जान बच गई। दरआल आनंद के दो पुत्र घटना से कुछ देर पहले ही स्कूल चले गए थे। इनमें से सक्षम विवेकानंद शिक्षण संस्थान अमरौला में कक्षा चार का छात्र है जबकि सामर्थ्य यूकेजी में अध्ययनरत है। बुधवार को यह दोनों बच्चे जब स्कूल चले गए थे तो उसी के बाद रवि अपने पिता के घर पहुंचा। रवि ने जिस तरह पिता व भाई की हत्या कर दी तथा मां को मरणासन्न कर दिया उससे यह आशंका जताई जा रही कि यदि यह दोनों बच्चे भी वहां होते तो और बड़ी अनहोनी हो सकती थी। उधर स्कूल गए इन दोनों बच्चों को लाने के लिए पुलिस की अभिरक्षा में उनकी मां ज्योति को विद्यालय ले जाया गया। इसके बाद दोनों बच्चों समेत ज्योति को कोतवाली ले आया गया।