अंबेडकरनगर। जिले के जर्जर एडेड माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प में अब पूर्व छात्रों, जनप्रतिनिधियों और सीएसआर फंड से भी मदद ली जा सकेगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एडेड कॉलेजों के कायाकल्प के लिए दो वर्ष पूर्व प्रोजेक्ट अलंकार योजना शुरू की थी। इसके तहत 50 वर्ष से कम समय में मान्यता प्राप्त पुराने व जर्जर विद्यालयों के पुनर्निर्माण व सुविधाओं के विकास के लिए सरकार 75 फीसदी और शेष 25 फीसदी राशि संस्था-प्रबंधन से जुटाने का प्रावधान था। इस योजना के तहत कई विद्यालयों का कायाकल्प हो चुका है, लेकिन कुछ संस्थाएं 25 फीसदी राशि की व्यवस्था न कर पाने से वंचित रह गई थीं। जिले में 60 एडेड माध्यमिक विद्यालय हैं। वर्तमान में 13 विद्यालयों का प्रस्ताव मांगा गया है। डीआईओएस प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि अब विभाग ने संशोधित प्रस्ताव जारी किया है कि प्रबंधन की ओर से जुटाई जाने वाली 25 फीसदी राशि सांसद-विधायक निधि, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर), पूर्व छात्रों, गणमान्य व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों या अन्य संस्थाओं से प्राप्त की जा सकेगी। इससे जर्जर विद्यालयों के कायाकल्प की राह और आसान हो जाएगी।