अंबेडकरनगर। लगभग ढाई अरब की लागत से निर्मित होने वाले अकबरपुर नगर बाइपास निर्माण की गति धीमी पड़ गई है। दरअसल लगभग 100 अधिग्रहीत गाटा ऐसे हैं जिनकी रजिस्ट्री अलग-अलग कारणों से नहीं हो सकी है।
अब तक लगभग 59 करोड़ रुपये से 252 गाटों की रजिस्ट्री हो चुकी है। अकबरपुर नगर में जाम की समस्या को दूर करने के लिए अकबरपुर अयोध्या मार्ग स्थित ग्लोबल विजडम स्कूल के बगल से अकबरपुर नगर बाइपास के निर्माण को शासन ने मंजूरी प्रदान की है। 251 करोड़ की लागत से 12.3 किमी. लंबे बाइपास के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था छात्रशक्ति को सौंपी गई है। बाइपास निर्माण में 397 गाटा को अधिग्रहीत किया गया था।
इसके लिए 87 करोड़ रुपये से रजिस्ट्री होनी है। बाइपास निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ होने के साथ ही अधिग्रहीत किए गए गाटों की रजिस्ट्री भी शुरू हुई। अब तक लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से ढाई सौ गाटा की रजिस्ट्री हो चुकी है। शेष लगभग 100 गाटा की रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। कारण यह कि एक तरफ जहां कुछ गाटों का अंश निर्धारण नहीं हो सका है तो वहीं ज्यादातर गाटों का मामला न्यायालय में लंबित है। संबंधित भूमि की रजिस्ट्री न होने के चलते इन दिनों बाइपास निर्माण की गति भी धीमी पड़ गई है।
हालांकि कार्यदायी संस्था के अनुसार रजिस्ट्री का काम रुकने का निर्माण में किसी प्रकार की बाधा नहीं उत्पन्न हो रही है। इन दिनों मिट्टी पटाई का काम चल रहा है। लगभग चार किमी. लंबाई में मिट्टी पटाई हो चुकी है। शेष में भी शीघ्र ही मिट्टी पटाई कर ली जाएगी।
रुका रजिस्ट्री का काम
जिन 100 गाटों की रजिस्ट्री नहीं हुई है उनमें से ज्यादातर गाटों के मामले न्यायालय में लंबित हैं। इसके चलते ही रजिस्ट्री का काम रुक गया है। रजिस्ट्री के लिए राशि की कमी नहीं है। - सौरभ सिंह, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण