अंबेडकरनगर। निजीकरण के विरोध सहित अन्य मांगों को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने गुरुवार रात 10 बजे से 72 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी है। इसे देखते हुए प्रशासन ने 41 उपकेंद्रों पर निजी क्षेत्र के तकनीकी कर्मचारियों की वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तैनाती कर दी है ताकि स्थिति सामान्य रह सके। इससे पहले दिन में अकबरपुर विद्युत वितरण खंड कार्यालय परिसर में जुटे अधिकारियों व कर्मचारियों ने धरना दिया।
संयुक्त संघर्ष समिति अध्यक्ष महेंद्र त्यागी ने अकबरपुर में आयोजित धरने में कहा कि संगठन का आंदोलन मांग न पूरी होने तक जारी रहेगा। अन्य कर्मचारियों ने कहा कि वे आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। शांतिपूर्ण तरीके से चलने वाले आंदोलन को यदि कुचलने की कोशिश की गई तो संगठन बड़ा आंदोलन शुरू करेगा।
उधर गुरुवार को दिन में बिजली विभाग के स्थाई व संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते आम उपभोक्ता परेशान रहे। कार्यालय पहुंचे पटेलनगर निवासी अमरनाथ वर्मा ने बताया कि बिजली का बिल जमा नहीं हो पाया। हड़ताल कब तक चलेगी, यह भी पता नहीं है।
मीटर लगवाने के लिए प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे धवरुआ निवासी रामउजागिर भी काम न होने से मायूस लौटे। इसी तरह कई अन्य उपभोक्ता शिकायत लेकर पहुंचे लेकिन उन्हें भी लौटना पड़ा।
अधिकारियों व कर्मचारियों के सामूहिक कार्य बहिष्कार से बिजली विभाग को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान होगा। अकबरपुर विद्युत वितरण खंड में बिल के रूप में प्रतिदिन 35 लाख रुपये जमा होते थे लेकिन कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण बिल जमा करने का काउंटर बंद हो गया है
साथ ही कनेक्शन आदि का भी काम ठप पड़ गया है। इससे एक तरफ जहां किसी को नया कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है तो वहीं राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। इसी तरह अकबरपुर, टांडा व जलालपुर क्षेत्रों में भी बिल नहीं जमा हुए। कई अन्य तरह के काम भी ठप पड़ गए हैं।
बिजली विभाग के कर्मचारियों के चल रहे धरने व गुरुवार रात 10 बजे से 72 घंटे की हड़ताल पर चले जाने के चलते बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी होने की आशंका बढ़ गई है। गुरुवार को उपभोक्ता जहां विभागीय काम न होने से परेशान रहे, वहीं शुक्रवार से बिजली आपूर्ति में उत्पन्न होने वाली समस्या के समाधान के लिए भटकेंगे। कर्मचारियों की इस हड़ताल से उपभोक्ता हलाकान हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभागीय काम न होने से उतनी समस्या नहीं हुई लेकिन यदि आपूर्ति बाधित हुई तो अब ज्यादा दिक्कत होगी।
जिले के सभी 41 विद्युत उपकेंद्रों पर एक-एक निजी टेक्निकल कर्मी की तैनाती वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कर दी गई है जिससे कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने पर आपूर्ति बहाली में किसी तरह की दिक्कत न हो। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली मिले, इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
-डॉ. सदानंद गुप्त, एडीएम