फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आटा, चावल, दूध, दही, पनीर के बढ़े दाम

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। पहले से ही महंगाई की मार से त्रस्त आम लोगों पर विभिन्न प्रकार की खाद्य व अन्य जरूरी सामग्रियों के जीएसटी के दायरे में आने से महंगाई का बोझ और बढ़ेगा। पांच प्रतिशत से 18 प्रतिशत जीएसटी लगने से एक तरफ जहां खाने-पीने का सामान महंगा मिलेगा, तो वहीं इलाज कराना भी अब आसान नहीं होगा।
विज्ञापन

डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस सिलिंडर के लगातार बढ़ते दामों के बीच सोमवार से आटा, दाल, दूध, दही समेत कई अन्य प्रकार की खाद्य सामग्री व अन्य जीवनोपयोगी वस्तुओं को जीएसटी लगाने से दाम बढ़ गए हैं। जीएसटी के दायरे में आने से सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि इलाज कराना भी महंगा हो गया है।
दरअसल केंद्र सरकार ने गत दिवस ही निर्णय लिया था कि कुछ खाद्य सामग्री को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, बल्कि अस्पताल व होटल के कमरों के साथ ही अन्य की जीएसटी दर में वृद्धि की जाए। इस नई व्यवस्था को 18 जुलाई से लागू किए जाने की भी घोषणा की गई। सरकार की घोषणा के अनुरूप सोमवार से जीएसटी की नई दरें लागू कर दी गईं।
विज्ञापन

जीएसटी कार्यालय के अनुसार पहले पैकेट का दूध, पनीर, दही, लस्सी, छाछ, पैकेट का चावल, गेहूं, आटा, गुड़, बाजरा व ज्वार को करमुक्त रखा गया था। अब पनीर, दूध, दही, लस्सी, छाछ पर पांच प्रतिशत, पैकेट का आटा, चावल, दाल, गुड़, गेहूं,, बाजरा पर पांच प्रतिशत, ब्लेड, पेपर, कैंची, पेंसिल, शॉपनर, चम्मच पर 18 प्रतिशत, होटल के एक हजार रुपये वाले कमरों पर जहां 12 प्रतिशत, तो वहीं अस्पताल के पांच हजार रुपये वाले कमरों पर पांच प्रतिशत जीएसटी के अलावा एलईडी व लैंप की कीमतों में भी 18 प्रतिशत जीएसटी की वृद्धि हुई है।
वापस ली जाए जीएसटी
इस बीच पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे नागरिकों पर जीएसटी लगने से महंगाई का बोझ और बढ़ गया। इससे आर्थिक रूप से कमजोर व मध्यम वर्ग के परिवारों के समक्ष आर्थिक समस्या और भी बढ़ गई है। मंशापुर के राममूरत यादव व रोडवेज निवासी पंकज ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि महंगाई कम किए जाने की मांग की जा रही थी। कम तो हुई नहीं, बल्कि और भी बढ़ गई। आमजन के हित को देखते हुए अविलंब जीएसटी को वापस लिया जाए। दुकानदार अभिषेक गुप्त ने कहा कि महंगाई दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। जीएसटी लगने से महंगाई और भी वृद्धि होगी। यह कतई उचित नहीं है।
विज्ञापन

सामग्री जीएसटी से पहले दाम जीएसटी दर नया दाम
आटा 160 रुपये प्रति पांच किग्रा. 5 प्रतिशत 168 रुपये
चावल 850 रुपये प्रति 25 किग्रा. 5 प्रतिशत 892.50
दाल 110 रुपये प्रति किग्रा. 5 प्रतिशत 115.50
दूध 25 रुपये प्रति पैकेट 5 प्रतिशत 26.25
दही मीटी 20 रुपये प्रति 200 ग्रा. 5 प्रतिशत 21
गुड़ 50 रुपये प्रति किग्रा. 5 प्रतिशत 52.50
छाछ 15 रुपये प्रति 200 ग्राम 5 प्रतिशत 15.75
पनीर 280 रुपये प्रति किग्रा 5 प्रतिशत 294
गेहूं 21 रुपये प्रति किग्रा. पैकेट 5 प्रतिशत 22
शॉपनर 5 रुपये प्रति पीस 18 प्रतिशत 5.90
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें