अंबेडकरनगर। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच पहली नवंबर से धान खरीद के लिए 71 केंद्र खुल जाएंगे। दावों के बावजूद सोमवार तक सभी केंद्रों को बोरे नहीं उपलब्ध कराए जा सके। हालांकि केंद्रों पर बैनर आदि लगाकर कांटा-बाट व नमी मापक यंत्र आदि पहुंचा दिए गए हैं।
किसानों की सुविधा के लिए जिले में पहली नवंबर मंगलवार से धान खरीद शुरू होगी। पांच एजेंसियों के कुल 71 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही जिले को एक लाख 55 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है जो विगत वर्ष के लक्ष्य से 3,400 एमटी कम है। विगत वर्ष एक लाख 58 हजार 400 मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला था।
गौरतलब है कि जिले में तीन लाख 85 हजार धान किसानों ने एक लाख 17 हजार हेक्टेअर क्षेत्रफल में धान की रोपाई कर रखी है। किसानों को धान बेचने के दौरान कोई दिक्कत न हो, इसके लिए खाद्य एवं विपणन कार्यालय ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को 31 अक्तूबर तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश दिया था।
यह अलग बात है कि कई केंद्रों पर तैयारियां अधूूूूरी पड़ी है। बीस से अधिक क्रय केंद्र ऐसे हैं जहां बोरे नहीं पहुंच सके हैं। ज्यादातर केंद्रों पर किसानों के बैठने की समुचित व्यवस्था तक नहीं की जा सकी है। राहत की बात यह जरूर है कि लगभग सभी क्रय केंद्रों पर कांटा, बाट, नमी मापक यंत्र, पंखा व डस्ट मशीन जैसे सामान उपलब्ध हो गए हैं।
सोमवार तक सहकारी संघ जलालपुर पर बोरा नहीं उपलब्ध था। केंद्र प्रभारी सतीराम यादव ने बताया कि बोरा उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है। मंगलवार सुबह तक बोरा मिल जाने की उम्मीद है।
वहीं, बसखारी स्थित साधन सहकारी समिति पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, धान साफ करने वाली मशीन मौजूद मिली। केंद्र प्रभारी सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि केंद्र पर अभी सिर्फ बोरा ही नहीं उपलब्ध हआ है। शीघ्र ही मिल जाएगा। इसी तरह कई अन्य केंद्रों पर भी सोमवार को बोरा नहीं उपलब्ध हो सका था।
राइस मिलरों को धान कुटाई के लिए संबद्ध करने को लेकर इस बार हैसियत प्रमाणपत्र की अनिवार्यता है। हालांकि यह प्रमाणपत्र बनने में कठिनाई हो रही है। मिलर्स एसोसिएशन ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। संगठन का कहना है कि प्राथमिकता के साथ प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है।
धान खरीद की तिथि शुरू होने से पहले तक यह प्रमाण पत्र बन जाने चाहिए थे। हालांकि तीन चौथाई से अधिक राइस मिलरों का प्रमाणपत्र अभी भी लंबित है। इसमें विलंब का खामियाजा धान की खरीद में व्यवधान के तौर पर सामने आएगा।
सभी क्रय केंद्रों पर सुचारु रूप से धान खरीद हो सके, इसके लिए क्रय केंद्रों प्रभारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिन किसानों ने अब तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे अविलंब पंजीकरण करा लें जिससेे उन्हें धान बेचने में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो।
-राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी