अंबेडकरनगर। जिले में 150 से अधिक क्रेशर संचालित हो रहे हैं। इनमें से एक भी प्रदूषण विभाग के मानकों पर खरे नहीं हैं। ऐेसे में यदि इन संचालकों ने जल्द ही प्रदूषण विभाग व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नियमों का पालन नहीं किया तो मोटे जुर्माने की तैयारी है।
विभागीय सूत्रों की माने तो ज्यादातर क्रेशर में प्रतिबंधित ईंधन जैसे प्लास्टिक, टायर, चमड़ा, पॉलीथिन, कपड़ा आदि को जलाकर गुड़ तैयार करते हैं। इससे पर्यावरण दूषित होता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि निरीक्षण के दौरान क्रेशर संचालकों के मानक पूरे नहीं मिले और प्रतिबंधित ईंधन पाया गया तो क्रेशर को सील करने के साथ संचालक के खिलाफ केस दर्ज करने की भी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल मानक यह है कि निर्धारित चिमनी की ऊंचाई दस मीटर हो। प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग न किया जाए। प्रदूषण का उचित प्रबंधन होगा। खोई का उपयोग भट्ठी में ईंधन के रूप में किया जाएगा। क्रेशर का संचालन उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी के बाद ही किया जाएगा।
की जाएगी कार्रवाई
जनपद में संचालित एक भी क्रेशर संचालकोंं ने विभाग से एनओसी नहीं ले रखा है। निरीक्षण के दौरान क्रेशर मानक पर खरे नहीं मिले तो कार्रवाई की जाएगी। -टीएन सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अयोध्या