सिझौली में तौल के लिए खड़ी धान से लदीं ट्रॉलियां। (संवाद)
अंबेडकरनगर। धान किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौजूदा समय में खाद्य विभाग व पीसीएफ के मात्र 13 क्रय केंद्र ही संचालित हैं। अब जबकि पखवाड़े भर तक ही खरीद होनी है तो ऐसे में क्रय केंद्रों की संख्या कम होने से किसानों के सामने समस्या खड़ी हो रही है। अब तक 82.52 प्रतिशत धान की खरीद की जा चुकी है।
एक-एक कर क्रय केंद्र बंद होने के चलते किसान आढ़तियों के हाथों औने-पौने दाम पर धान बेच रहे हैं। पहली नवंबर से पांच एजेंसियों के 75 क्रय केंद्र पर खरीद शुरू हुई थी। जिले को एक लाख 55 हजार एमटी खरीद का लक्ष्य दिया गया था। खाद्य एवं विपणन विभाग कार्यालय के अनुसार अब तक 28,517 किसानों के 1,27,905.27 एमटी धान की खरीद की जा चुकी है जो लक्ष्य का 82.52 प्रतिशत है।
धान की खरीद 28 फरवरी तक ही होनी है। ऐसे में सभी किसान किस तरह शत-प्रतिशत उपज की बिक्री कर सकेंगे, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
अकबरपुर के किसान बलराज राजभर ने कहा कि क्रय केंद्रों की संख्या कम हो जाने के चलते धान बेचने में समस्या हो रही है। जो क्रय केंद्र संचालित हैं, वहां किसानों की लंबी लाइन लग रही है। सुचारु रूप से धान की खरीद हो सके, इसके लिए जिम्मेदारों को ठोस कदम उठाना चाहिए। जलालपुर के राजेंद्र व भीटी के रामसजीवन ने कहा कि अब तक उपज की बिक्री नहीं हो सकी है। क्रय केंद्र बंद हो गया है। ऐसे में अब दूरदराज स्थित क्रय केंद्र तक की दौड़ लगानी पड़ेगी।
मौजूदा समय में 13 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद हो रही है। सभी किसानों का शत-प्रतिशत धान खरीदा जाएगा। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
-राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी