भीटी। क्षेत्र के महापारा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के समापन के बाद बुधवार को हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। आचार्य पं. तुलसी राम शास्त्री ने हवन-यज्ञ के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह जीवन को संयम, अनुशासन और कर्तव्यबोध से जोड़ने की प्रक्रिया है। यज्ञ के माध्यम से व्यक्ति अपने कर्मों को शुद्ध करने का प्रयास करता है और समाज के प्रति अपने दायित्व को समझता है। श्रीमद्भागवत कथा का उद्देश्य केवल धार्मिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि जीवन के व्यवहारिक पक्ष को समझाना भी है।