अंबेडकरनगर। प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर आंदोलित राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के छात्र-छात्राओं को समझाने ुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मंगलवार को परिसर पहुंची। अधिकारियों ने छात्रों को समझाया कि अगले चार दिन के भीतर शासन से कोई समुचित निर्णय हो जाने की उम्मीद है।
ऐसे में तब तक के लिए दो फरवरी का लखनऊ मार्च स्थगित कर दिया जाए। टीम ने लगभग एक घंटे तक छात्र-छात्राओं को समझाया बुझाया लेकिन छात्रों की तरफ से लखनऊ मार्च रद्द करने का कोई आश्वासन नहीं दिया गया। अधिकारियों की टीम अब बुधवार को एक बार फिर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर छात्रों को मनाने का प्रयास करेगी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा प्राचार्य पर कार्रवाई की मांग को लेकर लखनऊ मार्च का समय नजदीकी आने के साथ ही पुलिस व प्रशासनिक टीम सक्रिय हो गई है। सोमवार को जहां कुछ स्थानीय लोगों के जरिए मेडिकोज को समझाने की कोशिश की गई थी तो वहीं मंगलवार को एसडीएम टांडा दीपक कुमार, सीओ संतोष कुमार व अलीगंज थाना प्रभारी विजेंद्र शर्मा दलबल के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंच गए।
अधिकारियों ने हॉस्टल के मेस में छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनसे दो फरवरी को प्रस्तावित लखनऊ मार्च वापस लेने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन लगातार मेडिकल कॉलेज के हालात को लेकर पूरी गंभीरता से शासन के संपर्क में है।
चार दिन के भीतर कोई समुचित निर्णय हो जाएगा। ऐसे में तब तक लखनऊ मार्च स्थगित कर देना चाहिए। अधिकारियों ने लगभग एक घंटे तक परिसर में रहकर छात्र-छात्राओं को मनाने की कोशिश किया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।
छात्रों का कहना था कि चार जनवरी को महानिदेशक के दौरे के बाद से अब तक जांच रिपोर्ट न बन पाना कई गंभीर सवाल खड़ा करता है। उच्चस्तर पर होर रही मिलीभगत की भी जांच कराई जाए। इसमें यह देखा जाए कि कौन वरिष्ठ अधिकारी मेडिकल कॉलेज के हालात को सामान्य नहीं होने देना चाह रहा है। छात्र-छात्राओं ने कहा कि वे अपना मार्च वापस नहीं लेंगे।