विद्युतनगर/राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के जलस्तर ने और विकराल रूप धारण कर लिया है। सोमवार दोपहर बाद तक नदी का पानी खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। रविवार को लाल निशान से सिर्फ 20 सेंटीमीटर ही ऊपर था। नदी के रुख को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
टांडा एसडीएम व तहसीलदार ने माझा उल्टहवा गांव के हालात का जायजा लिया। यह गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। आबादी की तरफ तेजी से पानी पहुंच रहा है। इससे लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। उधर आलापुर तहसील के दो गांवों में ग्रामीणों के लिए नाव चलानी पड़ रही है। आधा दर्जन गांव पानी से घिरे हैं।
उफनाती सरयू नदी का पानी तेजी से आबादी की तरफ बढ़ने से नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोमवार को बाढ़ प्रखंड के अधिकारियों ने बताया कि सरयू का पानी खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से 42 सेंटीमीटर ऊपर 93.15 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है। पानी टांडा के नगरीय क्षेत्रों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। एसडीएम दीपक वर्मा, तहसीलदार आलोक रंजन सिंह ने माझा उल्टहवा गांव के पास पहुंचकर हालात का जायजा लिया। ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उन्हें हरसंभव मदद मुहैया कराई जाएगी।
आलापुर तहसील क्षेत्र के प्रसाद कुर्मी का पूरा, सिद्धनाथ का पूरा में प्रशासन की तरफ से सोमवार को भी नाव चलवाई गई। क्षेत्र के करिया लोनी का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, माझा कम्हरिया की निषाद बस्ती व दलित बस्ती पानी से चारों तरफ से घिरा हुआ है। पटपरवा व सत्यनरायण गांव के नजदीक तक पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों में सरयू नदी के जल स्तर को लेकर एक तरफ जहां चिंता बढ़ रही है, वहीं उन्हें आवागमन संबंधी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
आलापुर व टांडा तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर सभी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं। ग्रामीणों की हर संभव मदद सुनिश्चित की जाएगी।
-अशोक कुमार कनौजिया, एडीएम