अंबेडकरनगर। जिले की 70 ग्राम पंचायतों से जुड़े 44 ग्राम पंचायत सचिवों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। दरअसल अभी तक ये पंचायत भवन का संचालन ही नहीं करा सके हैं। ऐसे में न सिर्फ इन ग्राम पंचायतों में धन के आहरण पर तत्काल प्रभाव से डीपीआरओ कार्यालय ने रोक लगा दी है बल्कि सचिवों को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के अंदर पंचायत भवन का संचालन प्रारंभ करने का निर्देश भी दिया है। इसके साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही पंचायत भवन का संचालन प्रारंभ न हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
बीते दिनों अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह नेे डीएम को पत्र भेजकर निर्देशित किया था कि कम्प्यूटर व इंटरनेट कनेक्शन की व्यवस्था कर सभी ग्राम सचिवालयों का संचालन प्रारंभ करा दिया जाए। ऐसा इसलिए ताकि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। साथ ही ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का लेखाजोखा भी जिले के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराया जा सके।
इस पर डीएम सैमुअल पॉल एन ने सभी पंचायत भवनों का संचालन अविलंब शुरू कराने को लेकर बैठकें भी की थीं। गौरतलब है कि जिले में कुल 902 ग्राम पंचायतें हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक पंचायत भवन है। इन सभी पंचायत भवन में न सिर्फ पंचायत सहायकों की तैनाती की गई बल्कि कम्प्यूटर व इंटरनेट कनेक्शन की व्यवस्था कराने का निर्देश भी दिया गया।
इस बीच गत दिवस जब इसे लेकर समीक्षा हुई तो पता चला कि 70 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां विभिन्न कारणों से पंचायत भवन संचालित ही नहीं हो सके हैं। इनमें देवलर, फरीदपुर, प्रतापीपुर व बस्तीपुर आदि ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने तत्काल प्रभाव से इन ग्राम पंचायतों में धन के आहरण पर रोक लगा दी।
साथ ही इन 70 ग्राम पंचायतों से जुड़े 44 ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के अंदर सभी व्यवस्थाएं कर पंचायत भवन के संचालन का निर्देश दिया। कहा कि जब तक पंचायत भवन में इंटरनेट कनेक्टिवटी शुरू नहीं होगी, तब तक धन का आहरण नहीं किया जाएगा।
जिन 70 ग्राम पंचायत में पंचायत भवन का संचालन नहीं किया गया है, वहां के सचिव को नोटिस जारी की गई है। यदि एक सप्ताह के अंदर पंचायत भवन का संचालन नहीं प्रारंभ होगा तो कार्रवाई की जाएगी।
-अवनीश कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ