अंबेडकरनगर। जिले में मॉडल गांव योजना लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। वर्ष 2022-23 में 28 गांवों का चयन मॉडल गांव के लिए किया गया था लेकिन तमाम दिशा निर्देश के बावजूद अब तक 14 गांवों को पूरी तरह से मॉडल गांव के रूप में संतृप्त नहीं किया जा सका। कहीं सोक पिट व कम्पोजिट पिट आधा-अधूरा है तो कहीं आवागमन, पेयजल व प्रकाश व्यवस्था बेपटरी है। जलभराव की भी समस्या बनी हुई है। इस लापरवाही को लेकर डीपीआरओ ने संबंधित 14 सचिव व ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब संतोषजनक न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों को नगरीय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2022-23 में मॉडल गांव योजना के तहत 28 गांव का चयन किया गया था। इन गावों में सोक पिट, कम्पोजिट पिट, नाली, खड़ंजा, प्रकाश, पेयजल, जलभराव समेत कई अन्य प्रकार के कार्य कराए जाने हैं। इसके अलावा नियमित साफ-सफाई के भी निर्देश दिए गए थे।
डीपीआरओ कार्यालय के अनुसार नगपुर, हंसवर, भियांव, मालीपुर, सम्मनपुर, रामगढ़, भिदूड़, अजमेरी बादशाहपुर, संदहां मजगवां, भीटी, रतना, मुंडेहरा, मरहरा व ताराखुर्द गांव के प्रधान व सचिव को नोटिस जारी किया गया है। मॉडल गांव में विकास कार्यों को लेकर शुरुआती दौर से ही सचिव व ग्राम प्रधान की लापरवाही सामने आ रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मार्च 2023 तक सभी गांवों को मॉडल गांव के रूप में संतृत्प कर लिया जाना था लेकिन अब तक 14 गांवों में आधा अधूरा ही काम हुआ है। कहीं सोक पिट व कंपोजिट पिट आधे-अधूरे हैं तो कहीं नालियां क्षतिग्रस्त हैं। जलभराव की समस्या पहले की तरह ही बनी हुई है तो गांव में प्रकाश व पेयजल की भी समस्या है। इसे गंभीरता से लेते हुए ही डीपीआरओ ने सभी 14 सचिव व ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
नहीं पूरे हुए कोई कार्य
मॉडल गांव का जायजा लेने के लिए सोमवार को टीम मॉडल गांव भीटी पहुंची। वहां मिले सर्वजीत ने कहा कि नियमित साफ-सफाई नहीं होती है। नालियां क्षतिग्रस्त हैं। सोक पिट व कम्पोजिट पिट के लिए गड्ढे आधे-अधूरे छोड़ दिए गए हैं। प्रकाश की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। एक अन्य ग्रामीण राजेंद्र ने कहा कि जब मॉडल गांव के रूप में भीटी का चयन हुआ था तो उम्मीद जगी थी कि अब समस्याओं से राहत मिल सकेगी। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। कहीं भी ऐसा नहीं दिखता कि यह मॉडल गांव है।
तय की जाएगी जिम्मेदारी
14 सचिव व प्रधानों को नोटिस भेजा गया है। 15 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि समय रहते संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
अवनीश श्रीवास्तव, डीपीआरओ