जलालपुर (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के आधा दर्जन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर पहुंचने वाले मरीजों का उपचार फार्मासिस्ट कर रहे हैं। इनमें दो स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की तैनाती ही नहीं है। चार स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक नगपुर सीएचसी पर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे में पीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।
जलालपुर ब्लॉक क्षेत्र की करीब सवा दो लाख आबादी को घर के नजदीक इलाज की सुविधा देने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुले हैं। इन पीएचसी पर लोग दर्जनों लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। चिकित्सकों के उपलब्ध न होने की स्थिति में मरीजों को फार्मासिस्ट से उपचार कराना पड़ रहा है। क्षेत्र के रुकुनपुर कासिमपुर पीएचसी पर दो वर्ष से फार्मासिस्ट सुरेश कुमार इलाज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रसूलपुर बाकरगंज में फार्मासिस्ट पुजारी मरीजों का उपचार कर रहे हैं। इन दोनों पीएचसी में चिकित्सक की तैनाती ही नहीं है। पीएचसी सम्मनपुर में डॉ. संजीव की तैनाती है लेकिन वे सीएचसी से संबद्ध कर दिए गए। यहां पहुंचने वाले मरीजों का इलाज फार्मासिस्ट मोहम्मद अय्यूब खान करते हैं। पीएचसी बड़ेपुर में तैनात चिकित्सक डॉ. भाष्कर की ड्यूटी सीएचसी पर लगी है। डॉक्टर के मौजूद न होने पर फार्मासिस्ट सतीश वर्मा मरीजों का उपचार करते हैं।
मालीपुर पीएचसी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अमित भी सीएचसी की इमरजेंसी ड्यूटी में लगा दिए गए हैं। इसके चलते इलाज का जिम्मा फार्मासिस्ट राजेश वर्मा निभा रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धवरुआ पर मरीजों का उपचार फार्मासिस्ट विजय सिंह करते हैं। धवरुआ के चिकित्सक डॉ. संतोष चौहान को नगपुर सीएचसी से संबद्ध कर दिया गया है।
अधिकारियों को कराया गया अवगत
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक के कई पद रिक्त हैं। इस बारे में उच्चाधिकारियों व निदेशालय को अवगत कराया जा चुका है। चिकित्सकों की तैनाती का इंतजार है।
डॉ. पीके बादल, प्रभारी, नगपुर सीएचसी