जहांगीरगंज (अंबेडकरनगर)। ग्रामीणों को घर के नजदीक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिशों पर अव्यवस्था भारी पड़ रही है। स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी के चलते लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र के कम्हरिया घाट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर आठ वर्ष से चिकित्सक ही नहीं है। पीएचसी पहुंचने वाले मरीजों के इलाज की व्यवस्था फार्मासिस्ट के भरोसे है।
चिकित्सक के उपलब्ध नहीं होने के चलते मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सीएचसी व दूसरे चिकित्सालयों की दौड़ लगानी पड़ रही है। क्षेत्र के दर्जनों गांव के बीच कम्हरिया घाट में सरकारी अस्पताल हैं। इस अस्पताल में तैनात रहे चिकित्सक डॉ. उदय चंद का वर्ष 2015 में प्रमोशन हो गया था। उसके बाद उन्हें सीएचसी जहांगीरगंज का प्रभारी बना दिया गया।
चिकित्सक के स्थानान्तरण के बाद से पीएचसी फार्मासिस्ट के भरोसे है। उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीज दूसरे डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे हैं। आठ वर्ष बाद भी पीएचसी पर नए चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी। अस्पताल में फार्मासिस्ट भूपेंद्र पांडेय, स्वीपर सुरेश कुमार, संविदा कर्मी राजकुमार आदि की तैनाती है। वार्ड बॉय का पद भी खाली है। क्षेत्र के रमाकांत, सुरेंद्र, विनोद पांडेय आदि का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पा रही। चिकित्सक के तैनात नहीं होने से क्षेत्र की करीब 25 हजार आबादी को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद भी नहीं हुई तैनाती
मरीजों की समस्या को देखते हुए करीब एक वर्ष पहले आलापुर के विधायक त्रिभुवनदत्त ने अस्पताल में चिकित्सक के तैनात न होने का मुद्दा विधानसभा में उठाया। इसके बावजूद तैनाती नहीं हुई। इसके चलते पीएचसी में मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। उनका उपचार फार्मासिस्ट के भरोसे है।
जल्द होगी तैनाती
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कम्हरिया घाट में चिकित्सक की तैनाती के लिए पत्राचार किया गया है। जल्द ही चिकित्सक की तैनाती होने की उम्मीद है।
-डॉ. उदय चंद, सीएचसी प्रभारी