अंबेडकरनगर। धान खरीद के बाद कुटाई के लिए चावल मिलों का इस बार ई उपार्जन पोर्टल से सीधे ऑनलाइन संबद्धीकरण होगा। सत्यापन के साथ मिलों के चयन प्रकिया शुरू कर दी गई है। निर्देश दिया गया है कि पूर्व के वर्षों में ब्लैक लिस्टेड, बकाया कस्टम और चावल का गबन करने वाली मिलों को शामिल नहीं किया जाएगा।
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खाद्य विभाग के अनुसार जिले में इस वर्ष करीब 65 मिलों के सत्यापन की प्रकिया चल रही है। एक नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीद के लिए 78 क्रय केंद्रों की स्थापना के साथ मिलों के सत्यापन की प्रकिया पूरी करने के लिए पांच तहसीलों में कार्य प्रगति पर है। वहीं, मिल द्वारा समय पर धान की कुटाई कर उतारने की रिपोर्ट नहीं डाउनलोड की गई तो धान की अगली उठान दूसरे मिल हो जाएगी। यह व्यवस्था एनआईसी ई उपार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन स्वचलित रहेगी।
35 प्रतिशत क्रय होगा हाईब्रिड धान
सीएमआर को लेकर ज्यादातर मिल हाईब्रिड धान की कुटाई के लिए मना करती हैं। वर्ष 2024-25 में जनपद के खरीद लक्ष्य के सापेक्ष कॉमन व ग्रेट ए के धान के साथ 35 प्रतिशत हाईब्रिड की खरीदारी कर सकते हैं। हाईब्रिड चावल का लेखा जोखा अलग रखा जाएगा। इसकी कुटाई पर मिल को तीन प्रतिशत रिकवरी की प्रति पूर्ति राज्य सरकार अलग से करेगी।
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ऑनलाइन होगा संबद्धीकरण
बीते दिनों बैठक में जो जानकारी दी गई उसके तहत धान कुटाई के लिए जो राइस मिल चयनित होंगी उनका संबद्धीकरण ऑनलाइन होगा। चालान के समय पता चल जाएगा कि कुटाई के लिए धान किस मिल पर जा रहा है। -अनिल कुमार, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी