अंबेडकरनगर। नेटवर्क संकट ने बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कंप्यूटराइज्ड पर्ची न निकलने से मरीजों व तीमारदारों को मैनुअल पर्ची के लिए लाइन में देर तक लगने को मजबूर होना पड़ा। इसके साथ ही टेली मेडिसिन सेवा भी पूरी तरह से ठप रही। इससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के बेहतर इलाज की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा।
सस्ते व सुचारु इलाज की उम्मीद लेकर जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों व तीमारदारों को बृहस्पतिवार को मुश्किलों से जूझना पड़ा। दरअसल सुबह से ही बीएसएनएल के नेटवर्क में समस्या उत्पन्न हो गई। इस बीच इस संकट से अनजान मरीज व तीमारदार इलाज के लिए पर्ची कटवाने को काउंटर पर लाइन में लग गए। यहां चार ऑनलाइन पर्ची काउंटर बनाए गए हैं।
नेटवर्क समस्या के चलते चारों काउंटर पर ऑनलाइन पर्ची नहीं मिल सकी। काफी देर के इंतजार के बाद भी जब नेटवर्क समस्या नहीं दूर हुई तो कर्मचारियों ने ऑफलाइन पर्ची काटना शुरू किया। इससे मरीजों व तीमारदारों को पर्ची के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके साथ ही नेटवर्क संकट के चलते टेली मेडिसिन सेवा भी पूरी तरह से ठप रही।
की जाए वैकल्पिक व्यवस्था
राबीबहाउद्दीनपुर के बसंतलाल पेट के इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि डेढ़ घंटा हो गया लाइन में लगे हुए लेकिन पर्ची नहीं बन सकी है। पहले तो नेटवर्क आने का इंतजार होता रहा। जब नेटवर्क दुरुस्त नहीं हुआ तो अब ऑफलाइन पर्ची बनना शुरू हुई है। कटरिया के योगेंद्रधर पांडेय के पैर में चोट लगी थी। लंबे इंतजार के बाद इलाज करा सके। बंदीपुर निवासी करम पाल ने कहा कि सर्दी, खांसी व बुखार से पीड़ित हैं। वो इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पर्ची के लिए डेढ़ घंटे से अधिक से लाइन में लगे हैं लेकिन अब तक पर्ची नहीं मिल सकी। अब मैनुअल पर्ची बननी शुरू हुई है। उम्मीद है कि शायद पर्ची मिल ही जाए।
दुरुस्त कराई जा रही गड़बड़ी
तकनीकी गड़बड़ी होने के चलते नेटवर्क समस्या हो गई थी। इससे ऑनलाइन पर्ची व टेली मेडिसिन सेवा प्रभावित हुई। गड़बड़ी दूर कराई जा रही है। - डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस