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Ambedkar Nagar News: घर ढहाने को लेकर खूब बरपा हंगामा

Mon, 23 Jan 2023 05:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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अंबेडकरनगर। भाजपा नेता के अस्पताल के सामने स्थित पक्के घर को ढहाने को लेकर रविवार को खूब हंगामा बरपा। पुलिस ने कुल्हाड़ी से दरवाजे को तोड़ डाला। महिलाओं व युवतियों को खींच-खींचकर बाहर निकाला गया। इसके बाद बुलडोजर से पूरे पक्के घर को ढहा दिया।
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अकबरपुर नगर के बसखारी रोड पर कलेक्ट्रेट मोड़ के पास एक पक्के घर को ढहाने के लिए रविवार दोपहर नगर पालिका व कोतवाली की टीम पहुंच गई। किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एसडीएम पवन जायसवाल, सीओ सुरेश कुमार मिश्र, तहसीलदार जेपी यादव व ईओ बीना सिंह के अलावा नायब तहसीलदार राहुल सिंह भी मौजूद रहे।



घर ढहाने के लिए टीम के पहुंचते ही वहां रह रहीं महिलाओं व अन्य ने खुद को एक कमरे में कैद कर लिया। इस पर पुलिस ने कुल्हाड़ी के प्रहार से लकड़ी के दरवाजे को तोड़ डाला। पुलिसकर्मियों ने खींच-खींचकर महिलाओं, युवतियां व बच्चों को बाहर किया। कुछ महिलाएं व बच्चे गिर भी पड़े।
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इस दौरान चीख-पुकार मची रही। बच्चों से लेकर महिलाएं तक रोती-बिलखती रहीं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। घर का सामान बाहर निकालकर मशीनों से पूरे पक्के घर को देखते ही देखते जमींदोज कर दिया गया।




इससे पहले वहां मौजूद पुआल के ढेर में आग भी लग गई। इसे लेकर भी हंगामा बरपा। कुछ महिलाओं व युवतियों ने आग के ढेर में कूदने का भी प्रयास किया।






अकबरपुर नगर की संबंधित भूमि पर वर्षों से मोहनलाल व अमरजीत पक्का घर बनाकर रह रहे हैं। वहां उन्हें आवासीय पट्टा मिला था। हालांकि जाति प्रमाणपत्र पर सवाल उठाए जाने के बाद पट्टे तथा प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया गया।




इसके बाद से ही निर्माण को हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। अमरजीत व अन्य द्वारा मनमाने ढंग से पट्टा खारिज करने का आरोप लगाते हुए कानूनी लड़ाई शुरू की गई। नगर पालिका ने वर्ष 2019 में भी निर्माण ढहाने की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन उस पर जनपद न्यायालय ने स्टे दे दिया था। अब बीते दिनों ही स्थगन आदेश समाप्त हो गया जिसके बाद आननफानन यह प्रक्रिया अपनाई गई।







इसी घर के पीछे एक भाजपा नेता का बड़ा अस्पताल स्थित है। मुख्य मार्ग व अस्पताल के बीच यह घर आड़े आ रहा था। रविवार को पुलिस व नगर पालिका की टीम ने जिस तरह कार्रवाई की, उससे भाजपा नेता का अस्पताल खासी चर्चा का केंद्र रहा। लोगों का कहना रहा कि अस्पताल के मुख्य राह में व्यवधान बन रहे घर को तोड़ने के लिए ही पुलिस प्रशासन ने नगर पालिका के साथ मिलकर ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है।







अकबरपुर विधायक रामअचल राजभर ने कहा कि जैसी बर्बरता के साथ घर गिराया गया है, महिलाओं व बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया है, वह ठीक नहीं है। घर में किसी पुरुष सदस्य की गैरमौजूदगी में प्रशासन का यह रवैया अत्यंत शर्मनाक व चिंताजनक है।




उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जल्द ही सीएम से मुलाकात की जाएगी। अन्य जगहों पर भी शिकायत करते हुए दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। सत्तारूढ़ दल का दुरुपयोग किया गया है जो कतई उचित नहीं है।







अतिक्रमण नियमानुसार हटाया गया है। संबंधित परिवार के एक सदस्य को कांशीराम आवासीय काॅलोनी में पहले ही आवास आवंटित किया गया है जबकि एक सदस्य को शहरी आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है। दो लाख रुपये की किस्त दी जा चुकी है जिससे छत आदि भी पड़ चुकी है।



अतिक्रमण हटाने को लेकर कोर्ट से मिला स्थगन आदेश 11 जनवरी को समाप्त हो गया था। इसके बाद गत दिवस नोटिस चस्पा कर अब अतिक्रमण हटा दिया गया। किसी के साथ कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की गई है। अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध की सहज प्रक्रिया सामने आती ही है।
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-बीना सिंह, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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