अंबेडकरनगर। सद्दरपुर स्थित महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज की छात्राओं की ओर से शासन में की गई शिकायत की सात मजिस्ट्रेटों की टीम रविवार को जांच की। दो महिला अधिकारियों ने गर्ल्स हॉस्टल में जाकर बयान दर्ज किए। टीम के अन्य सदस्यों ने बाहरी स्थितियों का आकलन किया। रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।
बीते दिनों मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. संदीप कौशिक से नाराज छात्र-छात्राओं ने लंबा आंदोलन चलाया था। शासन स्तर पर शिकायत तथा जिला प्रशासन की ओर से कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध प्रतिकूल रिपोर्ट भेजे जाने के बाद भी कार्रवाई न होने पर मेडिकल छात्रों ने लखनऊ तक मार्च करने की चेतावनी दे दी थी। इसके बाद आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को हटाकर यहीं तैनात डॉ. अमीरुल हसन को कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी दे दी गई। उन्होंने कई तरह की व्यवस्थाओं को दुरुस्त भी कराया लेकिन इस बीच छात्राओं की तरफ से फिर आवाज मुखर की गई है।
सूत्रों का कहना है कि छात्राओं ने हॉस्टल में अव्यवस्थाओं की शिकायत शासन में की है। प्रकरण की जानकारी होने पर डीएम अविनाश सिंह ने तत्काल कई एसडीएम व तहसीलदारों को मौके पर जांच कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी। रविवार को एसडीएम सदर पवन जायसवाल, अतिरिक्त एसडीएम बाबूराम, मोहनलाल गुप्त, रोशनी यादव, तहसीलदार अकबरपुर जेपी यादव व नायब तहसीलदार डॉ. अनुराग यादव की टीम मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जांच की। गई।
अतिरिक्त एसडीएम रोशनी व नायब तहसीलदार डॉ. अनुराग ने छात्रावास पहुंचकर छात्राओं के बयान दर्ज किए। अन्य अधिकारियों ने दूसरे मुद्दों की पड़ताल की। करीब दो घंटे की जांच के बाद टीम लौट गई। टीम के अधिकारियों ने एक-दो शौचालय के खराब दरवाजों को जल्द दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। कुछ अन्य अव्यवस्थाएं भी मिली हैं।