अंबेडकरनगर। पितृपक्ष के चलते बाजारों में पूरी तरह से सन्नाटा है। किसी भी प्रकार का शुभ व नया काम न प्रारंभ होने की मान्यता के चलते कपड़ा व सराफा बाजार में मंदी चल रही है। अब संबंधित दुकानदारों को नवरात्र शुरू होने का इंतजार है। उन्हें उम्मीद है कि नवरात्र शुरू होने के बाद सन्नाटा दूर होगा और एक बार फिर से बाजारें पूरी तरह से गुलजार होंगी।
गत 18 सितंबर से शुरू हुए पितृपक्ष का असर बाजारों पर दिख रहा है। दरअसल इस दौरान न तो किसी प्रकार का नया काम शुरू किया जाता है और ही किसी प्रकार का शुभ कार्य ही होता है। पितृपक्ष काल में लोग किसी प्रकार के नए सामान की खरीदारी करना भी आमतौर पर नहीं पसंद करते। नतीजा यह है कि खरीदारों के संबंधित बाजारों में न पहुंचने से सन्नाटे का माहौल बना रहता है। अकबरपुर नगर की प्रमुख बाजार में एक शहजादपुर बाजार लगभग पूरे दिन सन्नाटे में रहता है। कपड़े की दुकान हो या फिर सराफा की। सभी जगह जगह सन्नाटा ही दिखता है।
शहजादपुर के प्रसिद्ध कपड़ा व्यावसाई हाजी जमाल व राजकुमार गुप्त ने कहा कि पितृपक्ष के चलते इस प्रकार का सन्नाटा है। हालांकि दो अक्तूबर को इसके समाप्त होने के बाद एक बार फिर से बाजार गुलजार होने की पूरी संभावना है। वरिष्ठ सराफा व्यावसाई वीरेंद्र सेठ ने कहा कि पितृपक्ष में बिक्री पर प्रतिकूल प्रभाव होता ही है। अब हम सभी नवरात्र का इंतजार कर रहे हैं। नवरात्र में बढ़ चढ़कर बिक्री होने की पूरी उम्मीद है। इसे देखते हुए तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। इलेक्ट्रानिक सामानों की बिक्री करने वाले इरफान ने कहा कि उन्होंने नवरात्र को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं। पितृपक्ष के बाद खरीदारी में वृद्धि होने की उम्मीद है।