अंबेडकरनगर। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कमलेश कुमार मौर्य ने हत्या के 17 वर्ष पुराने मामले में दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी उन पर लगाया गया है। मामला जहांगीरगंज थाना क्षेत्र का है।
थाने में दी गई तहरीर के जरिए खैरपुर भितरी निवासी रामप्रसाद यादव ने बताया था कि भूमि विवाद को लेकर विपक्षियों ने लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग कर दी थी। मारपीट भी की। बंदूक से चली गोली उसके भाई रामसकल को लग गई। इससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में ओमप्रकाश यादव के अलावा उसके भाई जयप्रकाश यादव व एक नाबालिग पुत्र के विरुद्घ केस दर्ज कर लिया था। घटना से उस समय गांव में अफरातफरी की स्थिति बन गई थी।
भतीजे विनोद कुमार यादव को भी इसमें गंभीर रूप से चोट आई थी जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। इनमें से नाबालिग आरोपी की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई थी। दोनों अन्य आरोपी व सगे भाइयों ओमप्रकाश यादव व जयप्रकाश यादव की संदिग्धता व अपराध को लेकर सत्र न्यायालय में अब सुनवाई पूरी हुई।
आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया था। ऐसे में विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कमलेश कुमार मौर्य ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को घटना का दोषी पाया। उन्हें इस पर आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जानलेवा हमले की एक धारा में दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इससे पहले आरोपियों के अधिवक्ता ने कोर्ट से अपील की कि दोनों आरोपी अत्यंत बुजुर्ग हैं और कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। ऐसे में उन्हें कम सजा दी जाए। कोर्ट ने पाया कि यह मामला विरल से विरलतम नहीं है। ऐसे में उसी अनुरूप दंड दिया जा रहा है।