भीटी (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के महापारा गांव में चल रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को प्रवाचक पंडित तुलसीराम शास्त्री ने ध्रुव चरित्र और प्रह्लाद चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि राजा उत्तानपाद की दो रानियां सुनीति व सुरुचि थीं। सुनीति के पुत्र ध्रुव तथा सुरुचि के पुत्र उत्तम थे। कथा के दौरान ध्रुव के अपने पिता की गोद में बैठने की लालसा और तपस्या के बाद भगवान के दर्शन की कथा सुनाई गई। इसके साथ ही प्रह्लाद के भक्ति में लीन होकर पिता हिरण्यकश्यप से बगावत करने और अंततः भगवान नरसिंह के अवतार लेकर प्रह्लाद की रक्षा की। इस अवसर पर मुख्य यजमान अखिलेश मिश्रा व गायत्री मिश्रा ने कथा सुनने आए सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।