महरुआ (अंबेडकरनगर)। भूमि की पैमाइश के बदले 10 हजार की रिश्वत लेते लेखपाल को एंटी करप्शन टीम ने शनिवार को खड़हरा गांव के निकट रंगे हाथ पकड़ लिया। लेखपाल ने भागने की भी कोशिश की। इसे लेकर टीम के एक सिपाही से गुत्थम गुत्था भी हुई। इसी बीच पहुंचे टीम के अन्य सदस्यों ने उसे हिरासत में ले लिया। लेखपाल को वहां से सीधे महरुआ थाने ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
प्रकरण सुल्तानपुर जनपद के दोस्तपुर थाना अंतर्गत सैदपुर निवासी संदीप कुमार यादव की भूमि के पैमाइश से जुड़ा है। संदीप के अनुसार महरुआ थाना क्षेत्र के खड़हरा में महरुआ दोस्तपुर मुख्य मार्ग पर उनकी बैनामा की भूमि है। कुछ लोग इस पर निर्माण नहीं करने दे रहे हैं। एसडीएम भीटी ने प्रार्थना पत्र पर लेखपाल जितेंद्र वर्मा को निशानदेही व आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। संदीप के अनुसार उसने लेखपाल से पैमाइश करने को कहा तो उसने दस हजार रुपये की मांग की। कई बार निवेदन करने के बाद भी कोई असर नहीं पड़ा तो इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की।
एंटी करप्शन की लखनऊ टीम लेखपाल को रंगेहाथ पकड़ने के लिए शनिवार को यहां पहुंच गई। उसे खड़हरा में ही रिश्वत लेते पकड़ लिया गया। मौके से तत्काल उसे महरुआ थाने ले जाया गया। वहां एंटी करप्शन टीम की तरफ से लेखपाल के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया।
इस तरह की गई लेखपाल की गिरफ्तारी
लेखपाल को गिरफ्तार करने के लिए एंटी करप्शन टीम का एक सिपाही सादे कपड़ों में संदीप का भाई बनकर उस भूमि के पास पहुंच गया जहां पैमाइश होने की बात थी। वहां बाइक से पहुंचे लेखपाल को संदीप ने जैसे ही रकम थमाई तभी सिपाही ने लेखपाल का हाथ पकड़ लिया। लेखपाल ने इस पर बचने के लिए हेलमेट पहने ही पैदल दौड़ लगा दी। वह खेतों की तरफ भागा लेकिन सिपाही ने उसे पकड़कर गिरा दिया। इसी बीच वहां पुलिस वाहन से टीम के अन्य सदस्य भी पहुंच गए और उसे हिरासत में ले लिया।