अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में संसाधनों की कमी से रक्त संबंधी जांचों का कार्य नहीं हो पा रहा है। इस कारण लिवर, किडनी व हेपेटाइटिस बी व सी के साथ ही प्रसव से जुड़ी जांच बाधित है। इससे परेशान मरीजों को निजी केंद्रों तक की दौड़ लगाने के साथ ही जेब भी हल्की करनी पड़ रही है। इससे सस्ते इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल आने वाले मरीजों को दोहरा झटका झेलना पड़ रहा है।
27 साल पुराने जिला अस्पताल में मरीजों को पैथालॉजी व खून से जुड़ी जांच न हो पाने से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। संसाधनों की कमी के कारण बीते एक माह सेहेपेटाइटिस बी व सी की जांच पूरी तरह से बंद पड़ी है। करीब एक माह पूर्व लैब में जांच के लिए जरूरी किट समाप्त हो जाने के बाद से इसकी खरीद नहीं हो पाई है। ऐसे में मशीन होने के बावजूद किट न होने के कारण मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है।
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस बी व सी की जांच के लिए हर दिन औसतन 10 मरीज आते हैं। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी प्रसव के लिए भर्ती महिलाओं को उठानी पड़ती है। इसके साथ ही लैब में अन्य संसाधनों की कमी के कारण किडनी व लिवर के साथ ही प्रसव से जुड़ी कई रक्त व यूरिन संबंधी जांच भी अस्पताल की पैथोलॉजी व लैब में नहीं हो पा रही है।
इलेक्ट्रोलाइट मशीन न होने से सोडियम व पोटैशियम से जुड़ी जांच का कार्य नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही किडनी की जांच के लिए जरूरी रीजेंट भी मौजूदा समय में उपलब्ध न होने से किडनी से जुड़ी जांच भी ठप पड़ी है। ऐसे में मातृ शिशु विंग के मरीजों को जांच के लिए निजी पैथलॉजी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है।
प्रसव के समय होती है मुश्किल
जिला अस्पताल में तैनात पैथालॉजिस्ट डॉ. लता चौधरी ने बताया कि प्रसव से पहले कुछ गर्भवती की थायराइड, किडनी, लिवर, सोडियम, पोटैशियम की जांच जरूरी होती है। थायराइड जांच की मशीन भी जिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्रसव पीड़ा के दौरान थायराइड जांच के लिए निजी पैथॉलाजी सेंटर का सहारा लेना पड़ता है। इससे प्रसूता के साथ ही संबंधित तीमारदार को बाहरी जांच कराने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। गुरुवार को जिला अस्पताल आए तीमारदार राकेश व संदीप ने नाराजगी जताते हुए बताया कि समुचित जांच की सुविधा न मिल पाने से उन्हें निजी सेंटरों तक की दौड़ लगाकर महंगी जांच कराना पड़ रही है।
सीएमओ कार्यालय को भेजा पत्र
विभिन्न प्रकार की जांच के लिए आवश्यक रीजेंट व किट सीएमओ कार्यालय से जिला अस्पताल को उपलब्ध कराई जाती है। इस संबंध में सीएमओ कार्यालय को लैब से जुड़े जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है।
डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल