किछौछा दरगाह में चल रहे उर्स के दौरान जियारत करते जायरीन।
बसखारी (अंबेडकरनगर)। दरगाह किछौछा में चल रहे सालाना उर्स में रविवार को दोपहर बाद खानकाहे अशरफिया से जुलूस निकला। सज्जादानशीन सै. मुईनुद्दीन अशरफ गागर के जुलूस के साथ आस्ताने आलिया पर पहुंचे। उन्होंने विशेष वस्त्र खिरका पहना। इसके बाद समाज व देश के विकास तथा अमन चैन की दुआ की।
इस बीच खिरके की जियारत के लिए बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे हुए थे। इसके बाद जुलूस वापस खानकाह पहुंचा जहां महफिले शमा का आयोजन हुआ। इसमें स्थानीय व बाहरी शायरों ने कलाम प्रस्तुत किए। जुलूस निकलने से पहले कव्वाली का भी आयोजन किया गया।
इंतेजामिया कमेटी से जुड़े सै. मेराजुद्दीन किछौछवी ने बताया कि उर्स का मुख्य आयोजन 15 व 16 अगस्त को होगा। दरगाह के मुतवल्ली व सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ 637 वर्ष पुराने खिरके को धारण करेंगे। इसमें भागीदारी के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में जायरीन के पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है। बताया कि सोमवार को 26 मोहर्रम के सज्जादानशीन सै. हसीन अशरफ आस्ताने आलिया पर पहुंचकर खिरका धारण करेंगे।