किछौछा दरगाह में जियारत करते जायरीन।
बसखारी (अंबेडकरनगर)। विश्व प्रसिद्ध दरगाह किछौछा में चल रहे 637वें सालाना उर्स का शुक्रवार को आस्ताने आलिया के समक्ष फोकराओं की विशेष धार्मिक अदालत के साथ ही समापन हो जाएगा। इस बीच बृहस्पतिवार को खानकाहे मखदूम अशरफ में कव्वाली और आस्ताने आलिया पर मुशायरा का आयोजन किया गया।
महान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी के सालाना उर्स में देश-विदेश से पहुंचे जायरीन ने बृहस्पतिवार को आस्ताने आलिया पर पहुंचकर चादरपोशी करने के साथ माथा टेककर विशेष दुआ की। सुबह खानकाहे मखदूम अशरफ में सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ की मौजूदगी में कव्वाली का आयोजन हुआ। इसके साथ ही देर शाम आस्ताने आलिया पर मुशायरे का आयोजन हुआ। इसमें शायरों ने कलाम पेश किए।
इंतजामिया कमेटी से जुड़े सै. मेराजुद्दीन किछौछवी ने कहा कि शुक्रवार को सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ की अध्यक्षता में फोकराओं की अदालत लगेगी। इसमें देश के अलग-अलग क्षेत्र से आए फोकरा समस्याएं रखेंगे जिसका मौके पर ही निस्तारण कर दिया जाएगा। इसके बाद विशेष खिरका बसखारी स्थित सज्जादानशीन के आवास पर चला जाएगा। इसके बाद सात दिनों तक चलने वाले सालाना उर्स का समापन हो जाएगा।