बसखारी (अंबेडकरनगर)। दो वर्ष बाद एक बार फिर से समूचा दरगाह किछौछा परिसर अशरफी तराने से गूंज उठा। महान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी के सालाना उर्स की सोमवार को औपचारिक शुरुआत हुई। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने अशरफी तराने के बीच मलंग गेट पर परचम कुशाई कर सात दिवसीय सालाना उर्स की शुरुआत की। बड़ी संख्या में मौजूद जायरीन के बीच राज्यमंत्री ने आस्ताने आलिया पर पहुंचकर चादर चढ़ाई और दुआ मांगी। समूचे कार्यक्रम को सकुशल निपटाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
सोमवार को दोपहर बाद प्रदेश के राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी विश्व प्रसिद्ध दरगाह किछौछा पहुंचे। सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ, सै. फखरुद्दीन अशरफ, सै. मेराजुद्दीन अशरफ, सै. अजीज अशरफ समेत अन्य गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में उन्होंने अशरफी तराने के दौरान परचम कुशाई कर सात दिवसीय सालाना उर्स की औपचारिक शुरुआत की।
कोरोना संकट के चलते दो वर्ष बाद समूचे दरगाह परिसर में जब अशरफी तराना गूंजा, तो नारे तकबीर, अल्लाह अकबर के उद्घोष से समूचा माहौल गूंज उठा। इसके बाद राज्यमंत्री आस्ताने आलिया पर पहुंचे, जहां चादर चढ़ाकर विशेष दुआ की। उन्होंने कहा कि भारत सूफी संतों का देश है। भारतीय संस्कृति समूचे देश में सबसे उत्तम है। इसी का नतीजा है कि आस्ताने आलिया पर सभी वर्ग के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
इस बीच कार्यक्रम को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मलंग गेट से लेकर आस्ताने आलिया तक चप्पे चप्पे पर पुलिस कर्मियों की तैनाती थी। इंतेजामिया कमेटी से जुड़े सै. अजीज अशरफ ने बताया कि उर्स में भागीदारी करने के लिए बड़ी संख्या में देश विदेश से जायरीन के आने का सिलसिला लगातार जारी है।
जायरीन को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बताया कि मंगलवार को आलम शाह के नेतृत्व में देश के कोने कोने से आए फोखराओं द्वारा जुलूस निकलेगा। मलंग गेट से निकला यह जुलूस आस्ताने आलिया पहुंचेगा, जहां अमन चैन की दुआ की जाएगी।
मदरसा शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन
मॉडर्न मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद जमाल अहमद अंसारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री को शिकायत संबंधित ज्ञापन सौंपा। इसमें शिक्षकों का मानदेय बढ़ाए जाने, प्रतिमाह मानदेय व अंशदान भुगतान किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही सेवा नियमावली बनाए जाने की भी मांग रखी गई।