जलालपुर (अंबेडकरनगर)। तहसील क्षेत्र जलालपुर के पाभीपुर में रविवार को कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों का मन मोह लिया। बाद में रामदरश पांडेय विश्वासी द्वारा रचित पुस्तक मुक्त परिंदे का विमोचन भी हुआ।
सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीपार्चन कर किया। कहा कि ऐसे आयोजनों से ही भारतीय संस्कृति और भी समृद्ध होती है। समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होता रहना चाहिए। प्रसिद्ध कवि भालचंद्र त्रिपाठी ने ‘परों को न बांधो, तुम उसकी न यूं उड़ान लो।
किसी गरीब परिंदे से आसमान न लो...’ सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। 100 से अधिक पुस्तकों की रचना करने वाले राजेंद्र प्रसाद ने ‘नई नई घटनाएं कैसी इतिहास में, प्रेमपत्र लिखते हैं साधू सन्यास में...’ व कवयित्री रुचि द्विवेदी ने ‘जिंदगी भर का साथ कब मांगा, साथ भर की ही जिंदगी मांगी...’ सुनाकर माहौल में चार चांद लगा दिया।
इनके अलावा कई अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। प्रसिद्ध कवि रामसहाय मिश्र उर्फ कोमल शास्त्री, राशिद अनवर, देवमणि त्रिपाठी, लालबहादुर चौरसिया, चुन्नीलाल व रामकिशोर तिवारी ने भी रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस दौरान महेंद्र मृदुल, गीता त्रिपाठी व सरोज यादव आदि मौजूद रहे। रामदरश विश्वासी ने सफल आयोजन के लिए सभी का आभार जताया।