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पूरे दिन बंद रहीं सराफा दुकानें

Thu, 10 Mar 2016 12:17 AM IST
अमरउजाला ब्यूरो
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सराफा कारोबारी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 टैक्स में की गई बढ़ोत्तरी तथा पैनकार्ड की अनिवार्यता आदि को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदेश भर के सराफा कारोबारी हड़ताल पर हैं। जिले में शुरुआती एक दो दिन तो इसे स्थानीय व्यापारियों ने गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन इसके बाद से जबर्दस्त एकजुटता दिखाते हुए अभूतपूर्व बंदी की जा रही है।
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पिछले पांच दिनों से सराफा कारोबार जिले में पूरी तरह ठप है। बुुधवार को भी सराफा कारोबारियों ने अपने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। जिला मुख्यालय पर मंगलवार की बंदी के बाद ग्राहकों को उम्मीद थी कि बुधवार को दुकानें खुलेंगी, और उन्हें आवश्यक आभूषणों की खरीददारी में मदद मिलेगी। कई दिन की बंदी के बाद तमाम सराफा कारोबारियों को भी यह उम्मीद हो चली थी कि बुुुधवार से हड़ताल वापस लेने की घोषणा संगठन कर देगा। हालांकि ऐसा हुआ नहीं।

संगठन ने तय किया कि बुधवार को भी जिले में पूरी सख्ती के साथ बंदी जारी रहेगी। बंदी को सफल बनाने के लिए जिला मुख्यालय पर सुबह से ही पीयूष सोनी, भूपेंद्र सेठ, हरिओम सेठ, जैकी सोनी व राकेश के नेतृत्व में युवा व्यापारियों की टीम ने शहजादपुर के विभिन्न इलाकों का भ्रमण किया, और सभी छोटी बड़ी सराफा दुकानों की बंदी सुनिश्चित की।
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तय हुआ कि यदि किसी दुकानदार ने दुकान खोली तो उस पर पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया जाएगा। दिन भर चली इस हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्र से आए तमाम उपभोक्ताओं को खासी निराशा हाथ लगी। उन्हें आभूषणों की खरीदारी किए बगैर ही वापस घर लौटना पड़ा।

टांडा प्रतिनिधि के अनुसार एसोसियेशन अध्यक्ष कैलाशनाथ अग्रवाल, विजय कुमार सोनी, आलोक अग्रवाल, सलिल, पंकज सोनी, बृजेश अग्रवाल व अजय सोनी आदि सराफा व्यवसायियों ने अपनी अपनी दुकानें बंद कर सराफा मंडी में धरना दिया। व्यापारियों ने कहा कि एक्साइज ड्यूटी वापस होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार सराफा व्यापारियों ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के विरोध में दुकानें बंद रखीं, और सरकार के निर्णय पर नाराजगी जाहिर की। अन्य क्षेत्रों में भी व्यापारियों ने अपने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर हड़ताल को सफल बनाने में योगदान दिया।
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