बेवाना समिति को मिला दवा बिक्री लाइसेंस, चार अन्य की चल रही प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। जिले की पांच साधन सहकारी समितियों पर जल्द ही प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का संचालन शुरू होगा। यह निर्णय पूर्व में लिया गया था। दवा विभाग की तरफ से बेवाना साधन सहकारी समिति को जेनेरिक दवाओं की बिक्री का लाइसेंस मिल गया है। चार अन्य समितियों ने भी लाइसेंस के लिए निवेश पोर्टल पर आवेदन किया है। इन समितियों से दवाओं की बिक्री शुरू होने पर करीब 50 हजार आबादी इसका सीधा लाभ उठा सकेगी। लोग यहां से जुकाम, बुखार, दर्द सहित अन्य बीमारियों के लिए सस्ती दवा खरीद कर सकेंगे।
समितियों पर जन औषधि केंद्र के खुलने का सर्वाधिक लाभ सीधे तौर पर किसानों को मिलेगा। किसान समिति से खाद, बीज, कीटनाशक दवा के लिए पहुंचते हैं। वे अब इसके साथ ही स्वयं व परिवार के इलाज के लिए दवाइयां भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें दूर के अस्पताल का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। सहकारिता विभाग इन दिनों साधन सहकारी समितियों को नया स्वरूप देने के प्रयास में जुटा है।
खाद व बीज की बिक्री करने वाली समितियों की नई पहचान अब बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (बी पैक्स) के रूप में है। ऐसे में समितियों पर किसानों को खाद व बीज देने के साथ ही जनसेवा केंद्र व प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की सुविधा देने की मुहिम शुरू हो गई है। प्रथम चरण में अकबरपुर तहसील क्षेत्र के बेवाना, औरंगनगर, भीटी तहसील के सुमरेपुर व जलालपुर तहसील के अरई व दाउदपुर चक को चयनित किया गया है।
साधन सहकारी समिति बेवाना को ड्रग लाइसेंस मिल गया है। फार्मास्युटिकल एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया से अनुबंध के लिए पत्राचार हुआ है। जल्द ही यहां सभी औपचारिकताएं पूरी कर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध हो जाएंगी। इसके अलावा औरंगनगर, सुमरेपुर, अरई व दाउदपुर चक पर यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रारंभिक अनुमति मिल गई है।
ड्रग विभाग से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए निवेश मित्र पोर्टल पर आवेदन हो गया है। ड्रग विभाग से लाइसेंस मिलने के बाद अनुबंध के लिए पीएमबीआई से पत्राचार किया जाएगा। दिसंबर माह में यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद सभी समिति प्रभारी समितियों से सस्ते दर पर जेनेरिक दवाओं की बिक्री कर सकेंगे।
तेजी से चल रही जरूरी प्रक्रिया
प्रथम चरण में पांच समितियों पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला जाना है। बेवाना को लाइसेंस मिल चुका है। दवाओं की उपलब्धता के लिए पीएमबीआई से अनुबंध पत्र की जरूरत है। इसके लिए पत्राचार किया गया है। इसके अलावा चार अन्य को जल्द ही ड्रग विभाग से लाइसेंस मिलने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जााएगी।
-विवेक कुमार सिंह, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता