भीटी (अंबेडकरनगर)। संरक्षित पशु का वध करने वाले अंतरजनपदीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए भीटी पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से एक कार, पिकअप व ट्रक की बरामदगी करते हुए 30 पशुओं को बचा लिया गया है।
संरक्षित पशुओं का वध करने वाले गैंग की धरपकड़ करने को लेकर चल रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भीटी थाना प्रभारी राजीव कुमार यादव ने स्वॉट टीम को साथ लेकर श्मशान घाट काली मंदिर के निकट शुक्रवार देरशाम छापा मारा। पुलिस को खबर मिली थी कि वहां बड़ी तादाद में संरक्षित पशु को बंधक बनाकर रखा गया है। उन्हें वध के लिए वाहनों पर लादकर भेजा जा रहा है।
पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा तो चार पशुओं को ट्रक व पिकअप में लादा जा चुका था। दर्जन भर से अधिक तस्कर वहां मौजूद थे। पुलिस ने चारों तरफ से उनकी घेराबंदी की। रात का फायदा उठाकर वे भागने न पाएं इसके लिए पुलिस ने उन्हें भागने पर फायरिंग की चेतावनी देते हुए आगे बढ़कर पकड़ लिया।
कुछ ही देर में एसपी अजीत कुमार सिन्हा मौके पर एएसपी संजय कुमार राय व सीओ भीटी रुक्मिणी वर्मा के साथ पहुंच गए। पुलिस ने तब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था जो आजमगढ़ व जौनपुर जनपद के निवासी हैं। पुलिस ने पिकअप व ट्रक के अलावा एक कार भी वहां से बरामद कर ली। वाहनों पर लादे गए चार पशुओं के अलावा 26 अन्य पशुओं को मौके पर पाया गया। इन सभी 30 पशुओं को तस्करों के कब्जे से मुक्त करा दिया गया। इसके बाद उनका उपचार कराकर गोशाला में भेजवा दिया गया।
एसपी ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके से आजमगढ़ जनपद के सरायमीर थानांतर्गत कौरागानी गांव निवासी हिसामुद्दीन, इरफान अहमद, वसीम अहमद, हारुल, अहिरौला थाने के माहुल निवासी रवि राजभर व संजय उर्फ राजू, इसी थाने के उजीपारा निवासी शाह मोहम्मद, अहिरौला थाने के मोलनापुर निवासी संतप्रसाद उर्फ करिया, शाहजहां गांव निवासी सलाहुद्दीन, खजुरी गांव निवासी इरफान के अलावा जौनपुर जनपद के शाहगंज थानांतर्गत अरगूपुर निवासी राकेश तथा बड़ागांव निवासी नजीम को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके विरुद्ध पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर जानलेवा हमला करने की धारा के अलावा गोवध निवारण अधिनियम तथा पशु क्रूरता आदि की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।