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पुलिस से डरने की बजाय उसे मित्र समझें

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अंबेडकरनगर रामलौट श्याम देवी इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित पुलिस पाठशाला में - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। पुलिस से डरने की बजाय उसे मित्र समझें। पुलिस की कार्रवाई सुधार व समाज की बेहतरी के लिए होती है। ऐसे में पुलिस के निर्देशों व सुझाव का पालन करने की तरफ ध्यान देना चाहिए। यह विचार शुक्रवार को अकबरपुर तहसील क्षेत्र के रामलौट श्यामा देवी इंटर कॉलेज में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन की पुलिस पाठशाला में ट्रैफिक प्रभारी शिवदीपक सिंह ने प्रकट किए।
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उन्होंने कहा कि युवाओं को ट्रैफिक नियमों का पूरी तरह से पालन करने पर ध्यान देना चाहिए। अक्सर होता यह है कि पुलिस से बचने के लिए हम शॉर्टकट का प्रयोग करने लगते हैं। यह ठीक नहीं है। कई बार पुलिस से बचने की यह कोशिश आगे चलकर भारी पड़ जाती है। ट्रैफिक नियमों का पालन करने की आदत न डालने से दुर्घटना में जान तक चली जाती है। इसलिए हमें पुलिस से दूर भागने की बजाय नियमों व कानून के पालन पर ध्यान देना चाहिए।
युवाओं से आह्वान किया कि वे बाइक चलाते समय हेलमेट का प्रयोग जरूर करें। वह भी अत्यंत गुणवत्तापूर्ण हो। कार चलाते समय सीट बेल्ट के प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि परिवार के जो सदस्य या चालक कार, जीप या अन्य वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं करते हैं, उन्हें इसके लिए जरूर टोकें। बाइक चलाते समय युवाओं से गति पर नियंत्रण करने व अनावश्यक तौर पर बाइक को आड़े तिरछे चलाने से बाज आने की हिदायत दी।
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अक्सर बाइक चलाते समय युवा अनावश्यक स्टाइल दिखाने लगते हैं। यह कई बार उन्हें भारी पड़ जाता है। किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि यह हमारी प्रगति के लिए बाधक है। हमें परिवार व समाज के चोरी छिपे कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे हमारी तरक्की पर असर हो और खुद व परिवार की आगे चलकर बदनामी भी हो। इस मौके पर ट्रैफिक विभाग के रामप्रवेश, अंकुश चौधरी, आशीष के अलावा शिक्षक अमन वर्मा, विनय कुमार, आवेेश चौधरी, रामविचार, भूपेंद्र वर्मा व शिवकुमार वर्मा मौजूद रहे।
प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने कहा कि समाज में जागरूकता की जो मुहिम अमर उजाला फाउंडेशन ने चला रखी है, वह मील का पत्थर साबित होगी। किसी भी समाज में सुधार हमेशा जागरूकता के बल पर हुआ है। पुलिस से मिलकर अमर उजाला ने जो मुहिम शुरू की है, उसके निश्चित रूप से दूरगामी परिणाम होंगे। ऐसे आयोजन लगातार होते रहने चाहिए। इसके बेहतर नतीजे सामने आते हैं। छात्र-छात्राओं को इन आयोजनों से जो जानकारी हासिल होती है, उसका पूरे समाज पर गहरा असर पड़ता है।
छात्र-छात्राओं ने किए सवाल
पुलिस कर्मियों ने छात्र-छात्राओं से सवाल जवाब भी किए। बाइक चलाते समय कब कौन से संकेतांक का प्रयोग करना है, इस बारे में सवाल किया। पुलिस कर्मियों ने इसके बाद संकेतांक के बारे में विस्तार से समझाया। छात्र दीपक ने सवाल किया कि वाहनों की तेज गति पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है। ट्रैफिक प्रभारी शिवदीपक सिंह ने कहा कि कार्रवाई की बजाय इसे जागरूकता के बल पर रोका जा सकता है। छात्रा सुमन ने पुलिस कर्मियों से कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में और तेजी से कार्रवाई करने की जरूरत है। अक्सर इस तरह की शिकायतें आती रहती हैं कि न्याय के लिए महिलाओं को दौड़ना पड़ रहा।
ट्रैफिक नियमों की रखें जानकारी
यातायात नियमों की जानकारी रखना व इसका पालन करना हम सभी की जिम्मेदारी है। हमें पुलिस के डर से नहीं बल्कि एक अच्छे नागरिक होने की वजह से ऐसा करना चाहिए। नियमों का पालन कर हम मार्ग हादसों में कमी ला सकेंगे।
-अंजलि
दूसरों को भी करूंगी जागरूक
स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ ही दूसरों को भी जागरूक करने की जिम्मेदारी को निभाऊंगी। अमर उजाला के इस प्रयास से छात्र-छात्राओं को काफी कुछ सीखने का मौका मिला। जागरूकता के माध्यम से ही बेहतर माहौल स्थापित हो सकता है।
-सीजल
जिम्मेदारी का ईमानदारी से करें पालन
यदि हम अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करें, तो कई समस्याओं का समाधान हो सकता है। मैं स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ ही दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करूंगी।
-अंशू यादव
होते रहने चाहिए ऐसे आयोजन
समय-समय पर स्कूल और कॉलेजों में ऐसे आयोजन होने चाहिए। इससे हमें शिक्षा के साथ-साथ अन्य जानकारियां प्राप्त हो सकेंगी। अमर उजाला को इसके लिए मैं धन्यवाद देना चाहूंगी।
-शिवांगी
नियमों के प्रति किया जाए जागरूक
लगातार बढ़ रहा मार्ग हादसों का ग्राफ चिंता का विषय है। हम सभी को इस पर विचार करना चाहिए। यातायात नियमों को लेकर जागरूकता फैलाने के साथ ही इसे कड़ाई से लागू भी करना चाहिए।
- अर्पिता
अमर उजाला की सराहनीय पहल
शिक्षा के साथ-साथ हमें विभिन्न विभागों की कार्य योजनाओं की जानकारी दी जानी चाहिए। अमर उजाला ने कॉलेज में पुलिस पाठशाला का आयोजन का बेहतर काम किया है। इससे हमें यातायात नियमों व पुलिसकर्मियों की कार्यशैली का पता चला। अमर उजाला की पहल सराहनीय है
-अनामिका
सभी को निभानी होगी जिम्मेदारी
सड़क पर चलते समय हमें यातायात नियमों का पालन करना होगा। मैं स्वयं इसका पालन करने के साथ ही दूसरों को भी प्रेरित करूंगा। सभी को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने की जरूरत है।
-सुमित
और गंभीर होने की जरूरत
स्कूलों में समय-समय पर पुलिस पाठशाला जैसे कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए। इससे छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ साथ अन्य सामाजिक जानकारी मिल सकेगी। हम सभी युवाओं को यातायात नियमों को लेकर और अधिक गंभीर होने की जरूरत है।
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-गौरव
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