- दो निकायों में अध्यक्ष पद पर दर्ज की जीत
अंबेडकरनगर। निकाय चुनाव में निर्दलों के दबदबे ने जिले में राजनीति की नई पटकथा लिख डाली है। पहली बार निकायों में निर्दलों के वर्चस्व का गवाह पूरा जनपद बना है। अकबरपुर में अध्यक्ष पद पर निर्दल की जीत के साथ ही अंतिम दौर तक रनर प्रत्याशी भी निर्दल रहा तो वहीं राजेसुल्तानपुर नगर पंचायत में भी निर्दल प्रत्याशी ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर ली। टांडा नगर परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव भी निर्दल के दबदबे का गवाह बना रहा। नगर निकाय चुनाव में यूं तो अक्सर निर्दल प्रत्याशियों की मजबूत उपस्थिति रहती रही है लेकिन इस बार का चुनाव निर्दल प्रत्याशियों के बड़े दबदबे के लिए लंबे समय तक याद रहेगा। निर्दल के वर्चस्व का सबसे बड़ा गवाह अकबरपुर नगर पालिका परिषद का चुनाव बना। यहां निर्दल प्रत्याशी पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष चंद्रप्रकाश वर्मा ने मतगणना के शुरुआती दौर से ही जो बढ़त बनाई वह अंत तक कायम रही। खास बात यह कि यहां दूसरे स्थान पर अधिकतर राउंड में निर्दलीय प्रत्याशी नाजरीन बेगम बनी रहीं।
अब तक अध्यक्ष रहीं बीजेपी प्रत्याशी सरिता गुप्ता लगातार बड़े अंतर से पीछे थीं। मतगणना के पहले तक उन्हें मुख्य मुकाबले में अत्यंत नजदीकी दौड़ में माना जा रहा था। हालांकि मतगणना शुरू होते ही वे चंद्रप्रकाश से लगातार ज्यादा पीछे होती गईं। यहां अध्यक्ष पद का पूरा मुकाबला मुख्य रूप से दो निर्दलों के बीच ही रहा। नवगठित राजेसुल्तानपुर में भी निर्दल की धमक रही। यहां सपा के बागी प्रत्याशी निर्दल विनोद प्रजापति ने अध्यक्ष बनने की सफलता हासिल कर ली। यहां निर्दल मंजू जायसवाल ने भी धमाकेदार प्रदर्शन कर कई प्रमुख दल के प्रत्याशियों को पीछे छोड़ा।
नगर पंचायत जहांगीरगंज में निर्दल गीता देवी की धमक ने भी प्रमुख दलों के प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ दिया। नगर पालिका परिषद टांडा में निर्दल शबाना नाज मतगणना के शुरुआती दौर से ही मुख्य मुकाबले में रहीं। यहां भाजपा के शंकर गुप्ता से उनकी टक्कर हुई। सहानुभूति की लहर के चलते शबाना ने ऐसा शानदार प्रदर्शन किया कि सपा व बसपा जैसे प्रत्याशी उनसे काफी पीछे रहे। (संवाद)