अंबेडकरनगर। मौसम में चल रहे उलटफेर ने गेहूं किसानों को तगड़ी चपत दी है। पिछले दिनों हुई तेज बारिश से जहां बड़े पैमाने पर फसलें धराशायी हो गई थी वहीं अब दो दिन से खराब चल रहे मौसम के चलते कंडुआ रोग बढ़ने लगा है। कुछ क्षेत्रों में बालियों में दाने सड़ने की समस्या भी सामने आ रही हैं। ऐसे में किसान खासे परेशान हैं। प्रतिकूल मौसम ने जिले के गेहूं किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। पक कर तैयार होने के समय में खराब मौसम ने पैदावार पर तगड़ा असर डाला है। शुरुआती दौर में मौसम अच्छा होने से फसल भी खेतों में खूब लहरा रही थी। हालांकि अब गेहूं की फसल की पैदावार काफी प्रभावित हो चुकी है। कई क्षेत्रों से गेहूं की फसल में रोग सामने आने लगे हैं। कहीं तेज हवा व पानी के चलते फसल धराशायी हो गई है तो कहीं कंडुआ रोग का लक्षण भी सामने आ रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्र पांती के वैज्ञानिक डॉ रामजीत बताते हैं कि कंडुआ रोग मौसम में अचानक होने वाले उतार चढ़ाव के चलते होता है। इसमें बालियां काली पड़ जाती हैं। दाने के स्थान पर काले पाउडर के रूप में राख जैसा जमा हो जाता है। यदि मौसम जल्द सामान्य न हो तो यह रोग तेजी से खेतों में फैलता है। इस रोग के रोकथाम के लिए कोई खास उपाय नहीं है।
किसानों ने क्षतिपूर्ति की उठाई मांग
उकरा के दिलीप सिंह, जगदीश राजभर, कृष्णकुमार सिंह, सूर्यप्रकाश सिंह, जमुनीपुर के ईश्वरचंद्र, कटरिया के अनंतराम वर्मा सहित अन्य किसानों का कहना है कि बारिश ने किसानों को तगड़ी चपत लगाई है। इससे पैदावार पर काफी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ऐसे में किसानों को क्षतिपूर्ति दिए जाने की मांग की है। कहा कि इससे किसान खासे परेशान हैं।