फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जुलूस में गूंजीं या सकीना या अब्बास की सदाएं

विज्ञापन
अंबेडकरनगर के मीरानपुर में निकले छह मोहर्रम के जुलूस में नौहाख्वानी व सीनाजनी करते लोग। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। या सकीना या अब्बास, या अबुल फजलिर अब्बास की सदाओं के बीच शुक्रवार को अकबरपुर नगर के मीरानपुर में अलम व ताबूत का जुलूस निकला। इसमें अंजुमन के सदस्यों ने नौहाख्वानी के साथ सीनाजनी की। साथ ही उलमा ने कर्बला के शहीदों पर विस्तार से प्रकाश डालकर माहौल को गमगीन कर दिया। वहीं, जिले के अन्य क्षेत्रों में भी जुलूस निकलने केे साथ ही मजलिसों का आयोजन हुआ। इसमें अंजुमन के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।
विज्ञापन

मीरानपुर स्थित कर्रार हुसैन के आवास से दोपहर बाद अलम व ताबूत का जुलूस निकला। जुलूस निकलने से पहले मोहम्मद अस्करी नकवी ने विशेष अंदाज में मर्सिया पढ़कर माहौल को गमगीन बना दिया। इसके बाद निकले जुलूस में अंजुमन अकबरिया रजिस्टर्ड व अंजुमन गुंचे अकबरिया के सदस्यों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की।
रजा अनवर व परवेज खां ने विशेष अंदाज में नौहा पढ़ा तो वहां मौजूद लोगों की आंखों में बरबस ही आंसू आ गए। जुलूस परंपरागत रास्तों से होता हुआ मीरानपुर स्थित शाही इमामबारगाह में पहुंचकर संपन्न हुआ, जहां मौलाना अकबर अली ने मजलिस में कहा कि इस्लाम अमन व इंसानियत का पैगाम देता है। जो सच्चा हुसैन का चाहने वाला होगा, वह कभी भी कोई ऐसा कार्य नहीं करेगा, जिससे किसी को ठेस पहुंचे। बाद में उन्होंने हजरत अली अकबर की शहादत पढ़कर माहौल भावुक बना दिया। इस मौके पर आरिफ अनवर, मीसम, संजय, दानिश, जैबी, यासिर हुसैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

उधर, मजलिसों का जो सिलसिला सुबह से प्रारंभ हुआ, वह देर शाम तक चलता रहा। सिकंदरपुर में आयोजित मजलिस में डॉ. अली मेंहदी ने कहा कि इस्लाम ने शिक्षा पर विशेष जोर दिया है। आखिरी रसूल हजरत मोहम्मद मुस्तफा ने फरमाया था कि अशिक्षित व्यक्ति इस्लाम का मानने वाला हो ही नहीं सकता। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि अपने बच्चों को बेहतर तालीम दें। बाद में उन्होंने हजरत अली असगर की शहादत पढ़कर माहौल को गमगीन कर दिया।
आज निकलेगा मेंहदी का जुलूस
अंजुमन अकबरिया रजिस्टर्ड के तत्वावधान में शनिवार को सात मोहर्रम पर ऐतिहासिक मेंहदी का जुलूस निकलेगा। अंजुमन अध्यक्ष रेहान जैदी ने बताया कि दोपहर बाद तीन बजे जौहरडीह से अलम व ताबूत का जुलूस निकलकर पेवाड़ा स्थित पक्का चौक पहुंचेगा। इसी दौरान मीरानपुर स्थित शाही इमामबारगाह से जुलूस निकलेगा, जो पक्का चौक पहुंचकर जौहरडीह वाले जुलूस से मिलेगा। इसके बाद दोनों जुलूस मकतब जाफरिया पहुंचेंगे, जहां मजलिस के बाद दोनों जुलूस अलग हो जाएंगे। इसके बाद देर रात इमामबारगाह से मेंहदी का जुलूस निकलेगा, जो नगर भ्रमण के बाद शहजादपुर चौक पहुंचेगा, जहां पहले से मौजूद अब्दुल्लापुर के जुलूस से मिलेगा। रविवार सुबह 11 बजे करीब शाही इमामबारगाह पहुंचकर जुलूस संपन्न हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें