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जिले में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटर

Thu, 10 Mar 2016 10:43 PM IST
अमरउजाला ब्यूरो
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को‌चिंग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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परीक्षाओं में अच्छे अंक हासिल करने एवं कोर्स पूर्ण करने के लिए छात्र छात्राओं द्वारा कोचिंग सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में कोचिंग संचालकों द्वारा छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों की मजबूरी का जमकर फायदा उठा रहे हैं। कोचिंग के संचालन में नियम कानून का पालन नहीं किया जाता।
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तमाम कोचिंग सेंटर भीड़भाड़ या फिर सघन आबादी वाले क्षेत्र में धड़ल्ले से संचालित किए जा रहे हैं। ऐसी कोचिंग सेंटरों से अक्सर आमलोगों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक बीत रहे शिक्षासत्र में 65 कोचिंग संचालकों ने अपनी अपनी कोचिंग का रजिस्ट्रेशन कराया है। हालांकि जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 150 कोचिंग सेंटर बगैर रजिस्ट्रेशन के ही धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं।

दरअसल बगैर रजिस्ट्रेशन 65 का, चल रहीं 200 से अधिक कोचिंग के संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों की न तो कभी संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की जाती है और न ही उन पर किसी प्रकार की सख्ती ही की जाती है। इसके चलते कोचिंग सेंटर संचालकों द्वारा अध्यनरत छात्र छात्राओं से मनमानी फीस की वसूली की जाती है।
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जिला मुख्यालय स्थित एक कोचिंग संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हाईस्कूल आईसीएसई व सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल गणित व विज्ञान की कोचिंग करने वाले छात्रों से 1 हजार रुपये, जबकि इंटरमीडिएट प्रति विषय 1 हजार रुपये लिए जाते हैं। कहा कि यूपी बोर्ड की कोचिंग वे नहीं चलाते। कहा कि शुरू में उन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन बाद में जब कोई पूछने वाला नहीं था। अब वे बगैर रजिस्ट्रेशन के कोचिंग का संचालन कर रहे हैं। यदि कोई सख्ती होगी, तो फिर से रजिस्ट्रेशन करा लेंगे।
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