अंबेडकरनगर। दहेज प्रताड़ना से मजबूर होकर युवती के आत्मदाह कर लेने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित प्रथम ने बुधवार को सजा सुनाई। आरोपी पति को छह वर्ष सास व ननद को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया गया है।
थाना क्षेत्र बसखारी के रामडीह सराय गढ़ा निवासी माहेश्वरी प्रसाद ने तहरीर में कहा था कि उन्होंने अपनी पुत्री विनीता का विवाह वर्ष 2012 में आजमगढ़ जनपद के दीदारगंज निवासी धीरज के साथ किया। विवाह के बाद से ही पति के अलावा सास गायत्री व ननद रागिनी उसकी पुत्री को दहेज में चार चक्का वाहन के लिए प्रताड़ित रहे थे। प्रताड़ना से परेशान होकर उसकी पुत्री मायके चली आई। कुछ दिन बाद आरोपी उसके घर आए और उसकी पुत्री को तरह तरह की धमकी दी। इससे परेशान होकर छह जून 2015 को उसकी पुत्री ने केरोसिन छिड़कर आत्मदाह कर लिया।
उपचार के लखनऊ में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। ससुरालीजनों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन कोई नहीं आया। बसखारी पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज किया था। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मामला सत्र परीक्षण में आया। इसी में न्यायाधीश अभिषेक कुमार ने पति को छह वर्ष की कठोर सजा व 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाया। सास व ननद को पांच पांच वर्ष के कठोर कारावास तथा 21-21 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।