लखनऊ। रेलवे में नौकरी के नाम पर दो युवकों से ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने ठगी का आरोप 35वीं वाहिनी पीएसी में तैनात हेड कांस्टेबल, उसके बेटे सहित अन्य लोगों पर लगाया है। एसीपी नेहा त्रिपाठी के आदेश पर महानगर थाने में अलग-अलग केस दर्ज किया गया है।
अंबेडकरनगर निवासी हिमांशु मिश्र अलीगंज के बड़ा चांदगंज स्थित वारियर डिफेंस अकादमी से कोचिंग कर रहे थे। उनके मुताबिक कोचिंग में तैनात कोच शिवेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता जितेंद्र 35वीं वाहिनी पीएसी में हेड कांस्टेबल हैं। वह आसानी से रेलवे में क्लर्क की नौकरी दिलवा सकते हैं। बात तय होने पर हिमांशु ने साढ़े पांच लाख नकद और साढ़े पांच लाख शिवेंद्र के खाते में जमा कराए। नौकरी नहीं मिलने पर उन्होंने छानबीन की तो ठगी का पता चला। इसी तरह महानगर 35वीं वाहिनी पीएसी परिसर में रहने वाले नवीन कुमार सिंह से भी रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी पिता-पुत्र ने 11 लाख रुपये ठग लिए।
ट्रेनिंग कराई, फर्जी नियुक्तिपत्र भी दिया
पीड़ितों के मुताबिक रुपये लेने के बाद आरोपियों ने उनको ट्रेनिंग के लिए पटना, धनबाद और पश्चिम बंगाल के खड़गपुर भेजा। पटना पहुंचने पर मेडिकल चेकअप कराया गया। कुछ वक्त के बाद धनबाद और खड़गपुर भेजा गया। पीड़ितों के मुताबिक आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र और सर्विस बुक भी बनवाकर सौंपी थी।