विद्युतनगर/राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। बारिश के बीच तीन बैराजों से छोड़े गए पानी के चलते सरयू नदी में उफान और बढ़ गई है। बीते 24 घंटे के भीतर इसके जलस्तर में 22 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही अब नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 46 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इससे टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करीब आधा दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं।
सरयू में जारी उफान से टांडा के रामजानकी मंदिर घाट व नेहरूनगर की आबादी के निकट पानी पहुंच गया है। मेहनिया मोहल्ले में भी पानी पहुंचने लगा है। बाढ़ का असर थिरुआ नाले पर भी पड़ रहा है। पंच शिव मंदिर थिरुआपुल, काली मंदिर मीरानपुरा, राजघाट स्थित शिव व गणेश मंदिर तक पानी पहुंचने लगा है। टांडा तहसील क्षेत्र के उल्टहवा माझा, माझा कला, माझा चिंतौरा, केवटला, नसरुल्लाहपुर, अवसानपुर, नैपुरा, सलोनाघाट, ढेलमऊ व डुहिया आदि गांव प्रभावित हो रहे हैं। इनमें से कई गांव पानी से घिर गए हैं। जलस्तर में हो रही वृद्धि से आने वाले समय में अन्य गांवों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं।
सहायक अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि शारदा बैराज, गिरिजा बैराज व सरयू बैराज से पानी छोड़े जाने के चलते ही सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। सोमवार दोपहर तक जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से 46 सेंटीमीटर ऊपर 93.19 मीटर पर पहुंच गया। आलापुर तहसील तहसील क्षेत्र के माझा कम्हरिया व आराजी देवरिया क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ने लगी हैं। बंधे के किनारे स्थित आराजी देवारा के प्रसाद कुर्मी का पूरा, कल्लू का पूरा के अलावा सिद्धनाथ गांव बाढ़ के पानी से घिरते जा रहे हैं। इससे फसल भी जलमग्न हो रही हैं।
एसडीएम टांडा दीपक वर्मा व आलापुर एसडीएम रोशनी यादव ने बताया कि जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों की समुचित मदद तय की जाएगी। सरयू नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। प्रशासन पूरी तरह गंभीर है।