अंबेडकरनगर। निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद को लेकर सपा विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। पार्टी सुप्रीमो ने दरअसल टिकट वितरण में विधायकों की इच्छा को ही प्राथमिकता दी है। कुछ सीटों पर इसके चलते बनी बगावत की स्थिति ने विधायकों पर जिम्मेदारी और बढ़ा डाली है।
निकाय चुनाव में सपा के सामने दोहरी चुनौती है। एक तो उन्हें बीते विधानसभा चुनाव में सभी पांच सीटों पर मिली जीत के लय को बरकरार रखना है। दूसरे नाराज कार्यकर्ताओं को मना लेने की चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है। सपा में दरअसल पांच में से चार विधायक ऐसे हैं जो बसपा छोड़कर पार्टी में शामिल हुए। टांडा सीट से विधायक राममूर्ति वर्मा को छोड़ अन्य विधायक बीते चुनाव से पहले ही सपा में आए। सपा नेतृत्व ने इन सभी नेताओं को विधानसभा चुनाव में टिकट दिया। यह सभी विजयी भी हुए। अब निकाय चुनाव में भी सपा नेतृत्व ने आंख मूंद कर सभी विधायकों की मर्जी से टिकट बांटा। इससे पार्टी में जबरदस्त असंतोष की स्थिति है।
अकबरपुर में पिछली बार की रनर रही निर्दलीय नाजरीन का टिकट इस बार लगभग फाइनल था लेकिन अंतिम वक्त पर टिकट कटने से उनके पति सपा नेता हाजी अकमल ने इस बार भी निर्दलीय चुनाव लड़ाने का एलान कर दिया। अब यहां मुस्लिम मतों का नुकसान सपा को होने का खतरा बन गया है।
नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर में पहले टिकट की घोषणा विनोद प्रजापति के लिए की गई। फिर उनसे सिंबल वापस लेकर दूसरे का नामांकन करा दिया गया। अब विनोद बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। जहांगीरगंज में पार्टी ने पहले जिन्हें प्रत्याशी घोषित किया, उनसे इतर अनीता ने सिंबल पाने के आधार पर नामांकन सपा प्रत्याशी के तौर पर कर दिया। यहां काफी प्रयास के बाद अनीता ने अपना पर्चा तो वापस ले लिया लेकिन कई नेता और कार्यकर्ता इस घटनाक्रम से नाराज बताए जाते हैं।
टांडा नगर पालिका परिषद में एक दो सर्वमान्य सामाजिक कार्यकर्ताओं व नेताओं के बजाय एक अन्य व्यक्ति को टिकट थमा दिए जाने से पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष हाजी इफ्तेखार अहमद अंसारी ने निर्दलीय ताल ठोक दी है। सपा से टिकट मांग रहीं शबाना नाज निर्दलीय चुनाव लड़ गई हैं जो पिछली बार निर्दलीय ही काफी नजदीकी मुकाबले में थीं। इसके अलावा एक और दावेदार अनीसुर्रहमान उर्फ गुड्डा भी निर्दलीय मैदान में डट गए हैं।
अन्य सीटों पर भी विधायकों के नजदीकियों को ही टिकट मिलने से पार्टी के कई कार्यकर्ता नाराज चल रहे हैं। इन्हीं सबके चलते विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर है। इससे पार पाने के लिए माननीयों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत भी लगा दी है।
उधर जिलाध्यक्ष जंग बहादुर यादव ने कहा कि सपा पूरी मजबूती से चुनाव लड़ रही है। प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी समझ रहा है। सभी सीट पर सपा प्रत्याशी की जीत होगी।