आलापुर (अंबेडकरनगर)। निपुण भारत प्रशिक्षण के माध्यम से सक्षम वातावरण का निर्माण किया जाएगा। छात्र-छात्राओं को रटाने की बजाय चीजों को सिखाने पर ध्यान दिया जाए। यह विचार जिला समन्वयक प्रशिक्षण के डॉ. सुरेश तिवारी ने बुनियादी भाषा एवं गणित पर आधारित चार दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण में प्रकट किए।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दायित्व है कि वह बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करें, जिससे उनका जीवन उज्जवल हो सके। निपुण भारत का उद्देश्य है कि बच्चों को रचनात्मक शिक्षा के साथ जोड़ा जाए, जिससे चीजों को सीखने व समझने में उन्हें आसानी हो। विद्यालय परिसर में शिक्षा का बेहतर माहौल तैयार कर बच्चों को शिक्षा दें।
उन्होंने एक कविता के माध्यम से निपुण लक्ष्य प्राप्त करने हेतु समस्त प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित भी किया। कहा कि सभी अध्यापक प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता से प्राप्त करें एवं 22 सप्ताह की वार्षिक योजना को विद्यालयों में लागू करें। मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. रियाजुद्दीन, एआरपी आलोक त्रिपाठी, यादराम गौतम, त्रिशूलधारी पांडेय, बलराम यादव, राकेश मणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।