टांडा राजघाट स्थित अंत्येष्टि स्थल के लिए चयनित भूमि
विद्युतनगर। (अंबेडकरनगर)। टांडा नगर में सरयू नदी के राजघाट पर वर्षों से चली आ रही शवदाह गृह बनाने की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। शासन के पास लंबे समय से शवदाह गृह निर्माण के लिए 42.62 लाख रुपये उपलब्ध भी है। इसके बावजूद टेंडर कराकर निर्माण कराने की जरूरत नहीं समझी जा रही है। इसके चलते नगरवासियों को शवों के अंतिम संस्कार में काफी मुश्किल हो रही है।
सरयू नदी के किनारे स्थित टांडा नगर की आबादी लगभग एक लाख के करीब है। इसमें करीब 30 प्रतिशत आबादी हिंदू व सिख समुदाय की है। इनके परिवार के सदस्यों के दिवंगत होने पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए स्थायी शवदाह गृह नहीं बन सका है। मोहल्ले के लोग शव का अंतिम संस्कार टीएनपीजी कॉलेज के पीछे, छज्जापुर गोडि़याना, अलीबाग आदि स्थानों पर नदी के किनारे करते हैं। इन स्थानों पर कोई सुविधा न होने के चलते काफी दिक्कत होती है। भीषण गर्मी में शव के अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे लोग काफी परेशान हो रहे हैं।
इन स्थानों पर पहुंचने के लिए न तो सुचारु आवागमन के लिए रास्ता है और न ही शुद्ध पेयजल व छांव में बैठने की कोई व्यवस्था। तेज धूूप में लोगों को काफी दिक्कत होती है। सबसे ज्यादा मुश्किल बरसात के मौसम में होती है। टीनशेड न होने के चलते चिताओं को जलाना मुश्किल हो जाता है।
जल्द बने शवदाह गृह
टांडा चौक निवासी राजू, कस्बा पश्चिम निवासी सतीश वर्मा, छज्जापुर निवासी अरुण कुमार सहित अन्य लोगों ने जल्द शवदाह गृह बनाए जाने की मांग की है। कहा कि परिवार में किसी के दिवंगत हो जाने से लोगों के सामने वैसे भी मुश्किलें खड़ी हो जाती है। ऊपर से शव के अंतिम संस्कार में होने वाली कठिनाई लोगों का दर्द और बढ़ा देती है। शासन प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। जिससे लोगों की मुश्किलें दूर हो सकें।
चुनाव बाद शुरू होगा काम
शव दाह गृह निर्माण के लिए धन उपलब्ध है। चुनाव बाद आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।
- आशीष कुमार सिंह, अधिशाषी अधिकारी