अंबेडकरनगर। पूर्व विधायक पवन पांडेय की गिरफ्तारी एसटीएफ ने बाराबंकी से की थी। पहले यह खबर सामने आई थी कि उनकी गिरफ्तारी अकबरपुर स्थित आवास से हुई।
बाराबंकी में गिरफ्तारी के बाद अकबरपुर तक सुरक्षित लाने के लिए एसटीएफ ने पूर्व विधायक के अलावा उनके निजी सुरक्षाकर्मी व चालक के मोबाइल फोन जब्त कर स्विच ऑफ कर दिए थे। पूर्व विधायक को फिलहाल अंबेडकरनगर जिला जेल में रखा गया है।
करीब आठ करोड़ की भूमि का फर्जी ढंग से इकरारनामा करा लेने के मामले में अकबरपुर कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी की जांच एसटीएफ को मिलने के बाद भी नामजद आरोपी पूर्व शिवसेना विधायक पवन पांडेय काफी निश्चिंत थे।
हालांकि, एसटीएफ ने गिरफ्तारी का तानाबाना बुन लिया था। शुक्रवार को वे अकबरपुर स्थित गांव कोटवा महमदपुर से निकलकर अयोध्या पहुंचे। इसके बाद वहां कुछ लोगों से मुलाकात कर अपने लग्जरी वाहन से लखनऊ के लिए रवाना हुए।
एसटीएफ ने सर्विलांस के जरिये यह पता लगा लिया कि पूर्व विधायक अयोध्या से लखनऊ की तरफ आ रहे हैं। इसके बाद ही एसटीएफ की लखनऊ यूनिट ने बाराबंकी के रामसनेही घाट थानाक्षेत्र के भिटरिया स्थित एक पेट्रोलपंप के निकट स्थानीय पुलिस टीम के साथ घेराबंदी की। पूर्व विधायक दोपहर बाद तीन बजकर 45 मिनट पर एसटीएफ की पकड़ में आ गए।
खबर है कि इसके बाद उन्हें बाराबंकी के ही एक थाने में ले जाया गया। वहां से सीधे एसटीएफ पूर्व विधायक को लेकर रात आठ बजे करीब अकबरपुर कोतवाली पहुंची। भिटरिया से अकबरपुर तक का सफर बमुश्किल ढाई घंटे का है। हालांकि एसटीएफ को करीब पौने चार घंटे लगे। ऐसे में बाराबंकी के थाने में ले जाकर पूछताछ करने की चर्चाओं को बल मिल रहा है।
जेल भेजने के बाद छोड़ा चालक व सुरक्षाकर्मी को
एसटीएफ ने बाराबंकी में जब पूर्व विधायक पवन पांडेय को गिरफ्तार किया तो सबसे पहले उनके दोनों मोबाइल फोन जब्त कर लिए। उनके निजी सुरक्षाकर्मी व चालक का मोबाइल भी पुलिस ने अपने पास रख लिया। गिरफ्तारी की खबर न फैले, इसलिए सभी के फोन जब्त करने के साथ ही चालक व निजी सुरक्षाकर्मी को छोड़ा नहीं। अकबरपुर कोतवाली लाकर कागजी प्रक्रिया पूरी करने, पूर्व विधायक का मेडिकल कराने तथा जेल में दाखिल कराने के बाद ही चालक व सुरक्षाकर्मी को छोड़ा।