अंबेडकरनगर। मणिपुर में भड़की हिंसा के बीच वहां पढ़ने गए जिले के दो छात्र भी फंस गए हैं। बीटेक चतुर्थ वर्ष के दो छात्र वहां हॉस्टल में यूं तो सुरक्षित हैं लेकिन पिछले करीब पांच दिनों से उन्हें रोटी नसीब नहीं हो रही। कैंटीन बंद हो जाने से चाय नाश्ते का भी संकट खड़ा हो गया है।
मणिपुर में फैली हिंसा से जिले के दो छात्रों को प्रभावित होना पड़ा है। इसमें बसखारी थाना क्षेत्र के हजियापुर गांव निवासी अंकित वर्मा जबकि अकबरपुर कोतवाली के पहितीपुर निवासी सिद्धार्थ शामिल हैं। यह दोनों मणिपुर की राजधानी इंफाल के लैंगूल में स्थित एनआईटी कॉलेज में बीटेक चतुर्थ वर्ष के छात्र हैं।
रविवार को अंकित से दूरभाष पर हुई वार्ता में बताया कि हम लोग हॉस्टल में पूरी तरह से सुरक्षित हैं। कॉलेज का ही अपना हॉस्टल है। हिंसा के चलते अब बाहर निकलना नहीं हो पा रहा है। परिसर में ही हम लोग रह रहे हैं। हिंसा के चलते रोजमर्रा के कार्यों में व्यवधान आने की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले चार पांच दिन से रोटी नहीं मिल पा रही है। दोनों टाइम चावल, दाल व सब्जी परोसी जा रही है। कैंटीन भी बंद हो गई है।
कैंटीन चलती थी तो हम लोग वहां जाकर चाय नाश्ते का इंतजाम कर लेते थे। अब चाय नहीं मिल पा रही है। अन्य तरह की खाद्य सामग्रियों के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। अंकित ने बताया कि हम दोनों लगातार परिवार के संपर्क में हैं। हालात सामान्य होते ही कुछ दिन के लिए घर वापस आएंगे।