राजेसुल्तानपुर। इकलौते बेटे का इलाज कराने नोएडा गया एक पिता खुद जिंदगी की जंग हार गया। मंगलवार को भरतपुर गांव में 42 वर्षीय श्रीनाथ उर्फ मिट्ठू शुक्ल का शव पहुंचते ही परिवार में मातम पसर गया। भरतपुर निवासी श्रीनाथ करीब दो माह पहले अपने 12 वर्षीय पुत्र समर के इलाज के लिए नोएडा गए थे। डॉक्टरों के लंबा इलाज बताए जाने पर उन्होंने वहीं रहकर निजी नौकरी करते हुए बेटे का उपचार जारी रखा। इसी दौरान उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। ऑपरेशन के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ और सोमवार को एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया। मंगलवार को शव गांव पहुंचते ही वृद्ध माता-पिता अपने इकलौते बेटे के शव से लिपटकर बिलख पड़े। पत्नी के साथ पुत्र समर (12) और पुत्री सृष्टि (15) भी बेसुध हो गए। परिवार अब दोहरे संकट से जूझ रहा है।